लाटघाट। गांव के गड्ढ़ों में जमा घाघरा के पानी के सड़ने से संक्रामक बीमारियों ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। करीब 50 लोग बीमार हैं लेकिन गांव में चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंच रही है।
क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में मुरारी देवी, अफाती, आर्यन, आदर्श, प्रिंस, प्रभावती, भानमती, चनरमी, हरिवंश, मेवाती, रोहित, रविंदर सहित 50 लोग बीमार हैं। यह सभी लोग वायरल फीवर, खांसी, खुजली आदि से ग्रसित हैं। देवारा इस्माइलपुर गांव निवासी पारस यादव का कहना है कि डॉक्टर अभी तक गांव में नहीं पहुंचे हैं। गांव से बंधे तक आने में चार से पांच किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। सुखराम पटेल ने बताया कि बच्चे-बूढ़े सभी बीमार हैं। जिनका इलाज कराने के लिए बड़ी समस्या हो रही है। नाव की व्यवस्था नहीं है। रास्ते में पानी लगा हुआ है, डॉक्टर बाढ़ चौकी छोड़ नहीं रहे हैं। सूर्यभान यादव ने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं जिनको यहां लाना मुश्किल है।
देवनारायण ने कहा कि देवारा इस्माइलपुर बाढ़ चौकी पर आने पर दो चार टिकिया दवा मिल जाती है। गांव में अभी तक क्लोरीन की गोली या फिर छिड़काव नहीं हुआ है। उमाशंकर यादव ने बताया कि गांव की आबादी 35 सौ से ऊपर है। गांव में संक्रामक बीमारी फैल रही है। लोग खाज, खुजली, फुंसी और बुखार से ग्रसित हैं। पर अभी तक गांव में नहीं क्लोरीन की गोली बांटी गई और न ही सड़े हुए पानी से फैल रहे मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए छिड़काव किया गया। बाढ़ चौकी पर तैनात डॉक्टर शिव कुमार सिंह ने बताया कि पानी सड़ने से बुखार, खुजली, फंगल इंफेक्शन ज्यादा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकी पर आज उमेश, माया, हरिओम, प्रिंस, आजाद, गोविंद, किरण, लाल वचन, रविंदर, रामप्यारे, भानमती, पारस आदि आए हुए थे। जिन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया है।