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उज्जवला योजना के तहत जिले में दिए गए

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आजमगढ़। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना उज्जवला योजना के तहत जनपद में अभी तक लगभग 88000 बीपीएल कार्ड धारकों को गैस का कनेक्शन दिया जा चुका है। अभी भी जनपद में इस योजना के तहत कनेक्शन देने का कार्य जारी है।
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उज्जवला योजना के बारे में जानकारी देते हुए इंडेन गैस एजेंसी के मालिक अजय अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने इस योजना को उन गरीबों के लिए शुरू किया है। जो आज भी गरीबी के कारण चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। जनपद में अब तक इस योजना के तहत 88000 लोगों को कनेक्शन दिया जा चुका है। अभी भी इस योजना के पात्रों को कनेक्शन का वितरण किया जा रहा है। इस योजना में सिलेंडर और रेगुलेटर की सिक्योरिटी मनी 1600 रुपये सरकार वहन करेगी। बाकी चूल्हे और गैस का 1700 रुपया कनेक्शन धारक का लोन होगा। जो उसके द्वारा ली गई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी के पैसे से सात से आठ महीनों में भरा जाएगा। जब यह लोन पूरा हो जाएगा तब सब्सिडी का पैसा कनेक्शनधारी के खाते में चला जाएगा।


युधिष्ठिरपट्टी गावं निवासिनी निशा देवी ने बताया कि इस योजना का हम गरीबों को भरपूर लाभ मिला। लेकिन एजेंसी मालिक द्वारा कुछ लोगों से अतिरिक्त चार्ज लेकर इस योजना का लाभ दिया गया। ग्रामसभा में ज्यादातर लोगों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन मिला है। लेकिन मुझसे 1800 रुपया नगद लेकर कनेक्शन दिया गया। साल भर बीतने के बाद भी अभी तक गैस की सब्सिडी खाते में नहीं दी आई।
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छत्तरपट्टी निवासिनी अनीता देवी ने कहा कि मेहनत मजदूरी करके जीविकोपार्जन कर रहे हैं। 740 रुपये का गैस ले पाना हम मजदूर वर्ग के लिए मुश्किल सा लगता है। हम लोगों के पास हमेशा पैसा नहीं होता जो पैसा होता है दैनिक खर्च के लिए ही पूरा नहीं पड़ता। पहले तो इधर-उधर से लकड़ी बीन कर उपली आदि की प्रबंध करके खाना बना लेते थे। लेकिन आज गैस होने के नाते उपली आदि का प्रबंध नहीं कर पा रहे हैं। जिससे हमारे आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

प्रज्ञा ने बताया कि सरकार की यह पहल बड़ी ही सराहनीय है। गैस महंगा तो है लेकिन लकड़ी और उपली से कहीं कम। गैस के उपयोग से हमारे समय के साथ-साथ बारिश का कोई डर नहीं रहता कि लड़की भीगी है तो खाना बनाने में दिक्कत होगी। साथ ही साथ लकड़ी से धूएं और प्रदूषण का खतरा बना रहता है।
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