लाटघाट (आजमगढ़)। सगड़ी तहसील में घाघरा नदी उफान पर आने लगी है। प्रति घंटे दो सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ने पर पिछले आठ घंटे में 16 सेमी बढ़ाव दर्ज किया गया है। इससे देवाराविसयों की धड़कनें बढ़ गईं है। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर तटवर्ती लोग बचाव का इंतजाम शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने सामान के साथ अपने रिश्तेदार के यहां ठौर तलाशना शुरू कर दिया है।
सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव हो रहा है। जलस्तर के तेजी से बढ़ने से देवारावासियों की धड़कने बढ़ने लगी है। शुक्रवार को सुबह आठ बजे तक नदी के जलस्तर 68.90 सेंटीमीटर दर्ज किया गया था। जबकि शनिवार की शाम चार बजे 69.06 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। इस प्रकार आठ घंटे में घाघरा का जलस्तर में 16 सेंटीमीटर बढ़ाव दर्ज किया गया। घाघरा एक घंटे में दो सेमी बढ़ रही है। नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से देवरा राम चरण दुबे, देवरा गरीब दुबे, देवारा अचल नगर, बघावा, देवरा खास राजा, मुरारी का पूरा, सहबदिया, महुला गांव में कटान होती है। मुराली का पुरा में कटान शुरू हो गई है। क्षेत्र में अब तक कई बीघा खेत घाघरा में समा चुकी है। बता दें कि घाघरा के कटान से अब तक दर्जनों गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। 1980 के दशक में उर्दिहा गांव के करीब साढ़े तीन सौ घर नदी में विलीन हो गए। वहीं हैदराबाद गांव का उत्तरी छोर 1985-86 में और 1990 के दशक में रोशनगंज, इस्माइलपुर के कई पुरवा घाघरा नदी में समाहित हो गए। 1990 के बाद करीब 2000 में हैदराबाद का भी एक पुरवा घाघरा नदी में विलीन हो गया। वर्ष 2003 में हाजीपुर के ठिकहिहा का करीब 90 घर, 2004 में दुसवा गांव के 95 घरों, इसी साल चक्की गांव में 90, वर्ष 2012 में देवारा खास राजा गांव के रमई का पुरवा के दर्जन भर घर वह घाघरा नदी में विलीन हो गए थे। वर्तमान में देवाराखास राजा का मुराली का पुरवा और चक्की गांव घाघरा नदी के कटान की जद में हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से देवारावासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।