आजमगढ़। जिले में बाट-माप सत्यापन की प्रक्रिया अब डिजिटल होने जा रही है। विधिक माप विज्ञान विभाग की पहल पर जिले की लगभग 40 हजार किराना, हार्डवेयर, सर्राफा, मेडिकल और अन्य व्यावसायिक दुकानों को ई-प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों में उपयोग होने वाले बाट, तराजू, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और अन्य माप उपकरणों का सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा, इससे दुकानदारों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से दुकानदार घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और निर्धारित शुल्क भी डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे। इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी। प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब तक जिले की करीब 30 हजार दुकानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है, जबकि शेष दुकानों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। विभाग का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से सभी दुकानों और उनके माप उपकरणों का विवरण सुरक्षित रहेगा। इससे निगरानी और जांच की प्रक्रिया आसान होगी।
नई व्यवस्था का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। डिजिटल सत्यापन के कारण बाजार में घटतौली और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित दुकान का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध होने से कार्रवाई तेज और पारदर्शी होगी।