अंबारी/सगड़ी। फूलपुर तहसील के खानजहांपुर की सिवान उसर नम व सगड़ी तहसील के रजाजदेपुर मेहनाजपुर की सिवान में शुक्रवार की दोपहर लगी आग से करीब 400 बीघा खेत में पड़े गेहूं के अवशेष जल गए। किसानों के समक्ष अब भूसे का संकट खड़ा हो गया है।
फूलपुर तहसील के खानजहांपुर की सिवान उसर नम में दोपहर करीब दो बजे अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 300 बीघा क्षेत्र में फैले गेहूं के अवशेष को अपनी चपेट में ले लिया। इसमें हरिराम, अशोक कुमार, गिरीशचंद्र, राममिलन, अमरचंद, प्रेमचंद,परमात्म, पृथ्वीराज, राजबहादुर, बलिराम, लालचंद, प्रेमचंद, अभिषेक, पिंटू, राजनरायन, जोखन, अमरनाथ, राजमन, हरीशचंद, पारस, राहुल आदि लोगों का नुकसान हुआ है। अशोक कुमार ने बताया कि एक-दो दिन में भूसा बनने वाला था पर आग ने सब तबाह कर दिया। इसमें किसान राममिलन और संदीप के सिंचाई का इंजन भी जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। नायब तहसीलदार राजाराम ने बताया कि गेहूं कटने के बाद बचे हुए अवशेष जले हैं। इसमें किसानों का नुकसान हुआ है। सत्यापन कराया जाएगा।
उधर, सगड़ी तहसील क्षेत्र के जीयनपुर के पास रजाजदेपुर मेहनाजपुर में शुक्रवार की दोपहर अज्ञात कारणों से खेतों में कंबाइन से काटकर छोड़े गए गेहूं के अवशेष में आग लग गई। आग क्षेत्र के करीब 100 बीघा खेत में फैल गई। प्रमोद गुप्ता, प्रवीण कुमार, प्रेम कुमार, अभिराम यादव ने बताया कि शनिवार को भूसा बनाने वाले मशीन आनी थी, अब पशुओं के लिए भूसा भी मयस्सर नहीं होगा। तहसीलदार शिवप्रकाश सरोज ने बताया कि अवशेष के जलने पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। आग लगने से किसानों का नुकसान जरूर हुआ है।