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मंडलायुक्त के आकस्मिक निरीक्षण में 35 मिले अनुपस्थित

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आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत द्वारा बुधवार को सीएमओ कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 35 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर उन्होंने सभी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए सभी का वेतन काटने का निर्देश दिया।
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मंडलायुक्त के निरीक्षण के समय पाये गये अनुपस्थितों में कई चिकित्सक भी शामिल हैं। अनुपस्थित चिकित्सकों में एसीएमओ डा. एके सिंह, डा. उमा सरन, डीसीएमओ डा. सीपी गुप्ता एवं डा. अरविंद कुमार चौधरी सम्मिलित हैं।
कर्मचारियों में एफडब्ल्यू हाफिज आलम, अरविंद, अजीत कुमार सिंह, कपिल मुनि मिश्र व रंजीत प्रताप सिंह, एमआई वंदिता त्रिपाठी, अनम फातिमा, अभिषेक पांडेय व रमेश यादव, एसएमआई अविनाश कुमार यादव, एफआई राज किशोर सोनकर, विवेक कुमार सोनकर व चंद्रेश कुमार मौर्य भी अनुपस्थित मिले। इसके अलावा अजीत चौहान, राजेंद्र यादव, गणेश सिंह यादव, राधेश्याम यादव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, हरिकेश लाल, सत्येंद्र चौधरी, पंचम राम तथा राम नयन प्रसाद भी अनुपस्थित थे। उपस्थिति पंजिका के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि डा. सीपी चौधरी एक दिसम्बर से अनुपस्थित थे। इसी प्रकार अनुपस्थित कर्मचारियों में रंजीत प्रताप सिंह तीन दिसंबर से, वंदिता त्रिपाठी दो दिन से तथा अजीत चौहान एक दिसंबर से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। कार्यालय भ्रमण के दौरान प्रधान सहायक सच्चिदानंद, फार्मासिस्ट अनिल चौधरी व सूबेदार यादव, आयुष्मान भारत योजना से संबन्धित कक्ष के निरीक्षण में ग्रीवांश मैनेजर रंजन मिश्रा व डीपीसी स्मृति मिश्रा अक्टूबर माह से लगातार, आईडीएसपी प्रोग्राम के कक्ष में आयुष चिकित्सक अफजाल अहमद, कुष्ठ विभाग में जिला मलेरिया अधिकारी डा. शशिभूषण द्विवेदी, एनसीडी दिलीप कुमार मौर्य, डीडीआरसी में एकाउण्टेंट अजय कुमार अनुपस्थित थे। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि जो अधिकारी, कर्मचारी जितने दिन से अनुपस्थित हैं। उनका उतने दिनों का वेतन काटा जाए। निरीक्षण के समय अधिकारियों, कर्मचारियोें अनुपस्थिति के संबंध में कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी द्वारा गलत जानकारी देने पर मंडलायुक्त ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरानअधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति से संबंधित कई रजिस्टर मिलने पर असंतोष व्यक्त किया तथा सीएमओ डा. आईएन तिवारी को निर्देश दिया कि तीन रजिस्टर से अधिक नहीं होना चाहिए। इसकी क्रम में उन्होंने क्षय रोग कक्ष का भी निरीक्षण किया, जहॉं केसेज कम मिलने पर उन्होंने लैब एसआईटी से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया तथा आगाह किया कि यदि 15 दिन में स्थिति में सुधार नहीं होता है तो उनके विरुद्ध आरोप पत्र निर्गत किया जाएगा।
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