आजमगढ़। अनाज की सरकारी खरीद के नाम पर शासन स्तर से अब तक सिर्फ गेहूं और धान की ही सरकारी खरीद कराई जाती रही है। इस बार सरकार ने खरीफ की फसलों में शुमार मोटे अनाज मक्का की खरीद भी शुरू कराने का निर्णय लिया है। मंडल के बलिया जिले में खरीद के लिए चार केंद्र प्रस्तावित हैं। चार हजार एमटी मक्का खरीद का लक्ष्य दिया गया है। 15 नवंबर से शुरू होकर खरीद 15 जनवरी तक चलेगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद जिलास्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। अभी तक शासन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खाद्य एवं विपणन विभाग तथा अन्य एजेंसियां के माध्यम से रबी की फसलों में सिर्फ गेहूं और खरीफ की फसलों में धान की खरीदता था। किसानों की मांग, व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा फसल उपजाने वाले किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस बार सरकार ने मोटे अनाज में शामिल मक्के की भी सरकारी खरीद कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए सूबे के दस मंडलों में 19 जिलों का चयन किया गया है। फसल के लिए 1700 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। आजमगढ़ मंडल में बलिया जिले को खरीद के लिए चुना गया है। बलिया में चार केंद्र खोले गए हैं। खाद्य विभाग के लिए बेलहरी, दुबहड़, रेवती और लालगंज में मक्के की खरीद की जाएगी। खरीद 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जनवरी तक चलेगी। आरएफसी राजेश कुमार ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खरीद खाता नंबर वाली खतौनी, खसरा और आधार कार्ड के आधार पर होगी। सरकारी खरीद ऑफलाइन होगी और किसानों को भुगतान आरटीजीएस के द्वारा किया जाएगा। बोरों की व्यवस्था खाद्य विभाग करेगा।
कुपोषण दूर करने के लिए मिलेगा पोषण युक्त आनाज
आजमगढ़। खाद्य विभाग ने 15 नवम्बर से शुरू होने वाली मोटे अनाज की सरकारी खरीद की कार्ययोजना तैयार कर ली है। मोटे अनाज के खरीद के पीछे शासन की और भी योजना शामिल हैं। सरकार किसानों से इस अनाज की खरीद कर बाजार में उपलब्ध कराएगी। इस पोषणयुक्त अनाज को रियायती दर पर गरीबों तक भी पहुंचाया जाएगा। सरकारी खरीदे गए मोटे अनाज का वितरण मध्याह्न भोजन योजना, आईसीडीएस और खाद्य सुरक्षा योजना में करेगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित होने से मिलेगा फायदा
आजमगढ़। मक्का उत्पादक किसान सतेंद्र सिंह, धमेंद्र सिंह आदि ने बताया कि बलिया के दोआब क्षेत्र में मक्का और मसूर आदि मोटे अनाज की खेती बहुतायत की जाती है लेकिन अपने उत्पाद का सही दाम पाना किसानों के लिए टेढी खीर था। ये अनाज बिकता जरूर था लेकिन फायदा बिचौलियों उठा लेते थे। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित होने पर किसानों को इसका सही मूल्य मिलेगा। बाजार में भी प्रतिस्पर्धा आएगी।
मंडल में बलिया जिले को मक्का खरीद के लिए चुना गया है। चार हजार एमटी मक्का खरीद का लक्ष्य मिला है। इसके लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। 15 नवंबर से 15 जनवरी तक खरीद की जाएगी। यही अनाज मध्याह्न भोजन योजना और कोटे के माध्यम से रियायती दर पर गरीबों तक पहुंचाया जाएगा। खरीद की तैयारियां शुरु कर दी गई हैं।
राजेश कुमार, आरएफसी, आजमगढ़ मंडल