आजमगढ़। अक्षय तृतीया वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन जेवर, वस्त्र, आभूूषण आदि खरीदने की प्रथा है। लेकिन अगर जेवर खरीद रहे हैं तो सावधानी बरतें वरना परेशानी हो सकती है।
अक्षय तृतीया का सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन बिना कोई पंचांग देखे कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह-प्रवेश, वस्त्र-आभूषणों की खरीददारी या घर, भूखंड, वाहन आदि की खरीददारी से संबंधित कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन पितरों को किया गया तर्पण और पिंडदान अथवा किसी और प्रकार का दान, अक्षय फल प्रदान करता है। इस दिन गंगा स्नान करने से और भगवत पूजन से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। यहां तक कि इस दिन किया गया जप, तप, हवन, स्वाध्याय और दान भी अक्षय हो जाता है। इस दिन सबसे ज्यादा खरीदारी गहनों की होती है। हर कोई अपनी सामर्थ्य के अनुसार गहनों की खरीदारी करता है। बुधवार को पड़ने वाली अक्षय तृतीया को देखते हुए दुकानदारों द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह के आफर दिए जा रहे हैं। संस्कार ज्वेलर के प्रोपराइटर आशुतोष रूंगटा ने बताया कि उनके यहां सोने के जेवर पर लेबर चार्ज में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही हे। डायमंड वैल्यू पर 25 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। साथ ही इस दिन ग्राहको से जीएसटी नहीं ली जाएगी। गहने खरीदते समय सावधानी बरतने के उपायों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह जानकारी जरूर करें कि वह कितने कैरेट का है। क्योंकि 22 कैरेट के गहनों में 91.16 प्रतिशत गोल्ड और 18 कैरेट में 75 प्रतिशत पाया जाता है। साथ ही दुकानदार से खरीदे गए गहने की पक्की बिल जरूर लें। यह भी देखें की गहने पर जो हालमार्क लगा है वह पांच मोहर का होना चाहिए। दुकानदार से यह भी लिखवाकर लें कि गहने की वापसी के बाद उसका क्या मूल्य मिलेगा। वहीं अशोक कुमार आशीष कुमार ज्वैलर्स के प्रोपराइटर अशोक अग्रवाल ने बताया कि हमारे यहां अक्षय तृतीय पर कोई आफर नहीं दिया जा रहा है।