आजमगढ़। तहबरपुर ब्लॉक में तैनात एडीओ पंचायत पर प्रधानों द्वारा धन उगाही के साथ ही सफाईकर्मियों की तैनाती में पैसे लेकर मनचाहे एटैचमेंट की शिकायत की जांच झेल रहे एडीओ पंचायत को एक ‘नेताजी’ से कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनवाना भारी पड़ गया। एडीएम प्रशासन ने इसपर उन्हें फटकार लगाते हुए बीडीओ से एडीओ पंचायत के स्तर से होने वाले कार्य और इसक परिपेक्ष्य में किए गए कार्य टिप्पणी के साथ तलब कर लिए हैं।
तहबरपुर ब्लाक में तैनात एडीओ पंचायत ओम प्रकाश यादव के खिलाफ प्रधानों ने शिकायत की थी कि विकास कार्यों के मद में उनकी ओर से धन मांगा जा रहा है। इसके साथ ही सफाईकर्मियों के मनचाहे एटैचमेंट को लेकर भी धन उगाही की जा रही है। इसपर सीडीओ अभिषेक सिंह ने पांच मार्च को उनको ब्लॉक से हटाकर डीपीआरओ कार्यालय से अटैच कर दिया और मामले की जांच एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी को सौंपी थी। एडीएम ने बीडीओ से आख्या तलब की। रिपोर्ट देखकर अधिकारी भौंचक रह गए। एक ‘नेताजी’ की ओर से एडीओ पंचायत के लिए जारी चरित्र प्रमाण-पत्र को भेज गया। इसपर एडीएम ने एडीओ पंचायत के स्तर से होने वाले कार्यों की सूची और इसके सापेक्ष ओम प्रकाश यादव की ओर से किए गए कार्यों की सूची और कार्यों पर बीडीओ की टिप्पणी भी मांगी है।
एडीओ पंचायत की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। ब्लाक से रिपोर्ट मांग गई थी, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली है। इसलिए दोबारा से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। जांच के बाद ही इस मसले पर कुछ कहा जा सकता है।
लवकुश त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन