कटानी बाजार। महराजगंज इंटर कालेज के प्रधानाचार्य द्वारा जबरन विद्यालय भवन के बाहर के हिस्से में जेसीबी लगा कर मिट्टी पाटते हुए चकमार्ग का निर्माण कराना शुरू करा दिया गया। अभिलेखों में चकमार्ग मौजूद नहीं है, इसके बाद भी विद्यालय प्रशासन ने विद्यालय भवन के अगल-बगल के लोगों की जमीन पर बोयी गई फसल और लगे पेड़ पौधों को नष्ट भी करा दिया गया। गा्रमीणों की शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी ने एडीओ पंचायत को भेज कर काम बंद कराया।
महाराजगंज इंटर कालेज की स्थापना आठ दशक पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. लक्ष्मीकांत मिश्र द्वारा ग्रामीणों के माध्यम से दान में मिली भूमि पर कराया गया था। वर्तमान में विद्यालय सहायता प्राप्त है और प्रबंधकीय विवाद के चलते एसडीएम सगड़ी के पास इसका चार्ज है। विद्यालय की भूमि पर चौतरफा कमरों का निर्माण हो चुका है। इसके बगल में अन्य लोगों की जमीन है। प्रधानाचार्य अनिल सिंह ने विद्यालय कैंपस के बाहर उत्तरी सिरे पर विद्यालय भवन के बगल की जमीन पर भी विद्यालय का अधिकार बताते हुए उस पर चकरोड निर्माण के लिए जेसीबी लगा कर मिट्टी पाटने की कवायद शुरू करा दी। विद्यालय प्रधानाचार्य के इस कवायद का भूमि स्वामी समरजीत मौर्य, अमरजीत, सूर्यनाथ, रोहताश, महेंद्र, ओमप्रकाश आदि ने विरोध किया। इनका कहना था कि विद्यालय प्रशासन उनकी जमीन पर जबरन चकमार्ग का निर्माण करा रहा है। इसकी जानकारी जब विकास खंड कार्यालय पर पहुंची तो खंड विकास अधिकारी ने एडीओ पंचायत को मौके पर भेज कर काम बंद कराया। ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं खंड विकास अधिकारी विनोद यादव ने बताया कि प्रधानाचार्य एसडीएम से बात कर के निर्माण कार्य करा रहे थे। प्रधानाचार्य ने यह बताया था कि कोई विरोध नहीं होगा। जिस पर उन्हें काम कराने के बाद धन आवंटित कर दिये जाने की बात कही गई थी। विरोध होने पर मैने स्वयं काम रूकवा दिया है। राजस्व का मामला है अब नापी के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।