आजमगढ़। शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था न होने से उसे आबादी के बीच ही फेंका जा रहा है। इसकी दुर्गंध और जलाने के धुएं से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पुरानी जेल के सामने स्थित शहर सुरक्षा बांध के पास वर्षों से नपा प्रशासन द्वारा डंप कूड़े से आसपास रहने वालों को सांस की बीमारी तक होने लगी है।
पुरानी जेल के सामने स्थित शहर सुरक्षा बांध के किनारे वर्षों से नगर पालिका प्रशासन शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करता है। वर्तमान में भले ही उस जगह पर कूड़ा नहीं फेंका जा रहा है लेकिन पहले के जमा कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध और उसमें लगाई गई आग से होने वाले धुएं से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सर्वाधिक परेशानी तो बगल में स्थित अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को होती है। वहीं इस स्थान के अगल-बगल रहने वाले बीमार होने लगे है। नपा प्रशासन सिर्फ यह कह कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ले रहा है कि अब उक्त स्थान पर नपा कूड़ा नहीं फेंक रहा है। नपा के सफाई निरीक्षक विशन सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन नपा क्षेत्र से 30 से 32 मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसका निस्तारण वर्तमान में राजघाट क्षेत्र में बंधा किनारे किया जा रहा है। मझगांवा में जमीन भी क्रय कर ली गई है, जहां रास्ते की समस्या है, ठीक होते ही सारा कूड़ा वहीं ले जाया जाएगा।
धुएं के चलते जीना मुश्किल हो गया
शहर सुरक्षा बांध के किनारे नगर पालिका प्रशासन वर्षों से कूड़ा गिराता आ रहा है। वर्तमान में भले ही कूड़ा नहीं गिराया जा रहा है, लेकिन पहले के कूड़े के ढेर में आज भी आग लगी हुई है जो हवा के झोंके के साथ बढ़ जाती है। धुएं के चलते पुरे मुहल्ले के लोग परेशान हाल है।
संजय सिंह चौहान, निवासी - नई बस्ती मातबरगंज, आजमगढ़।
पूरा वातावरण ही हो गया है दूषित
कूड़े के ढेर से उठ रहे दुगर ़ंध और धुएं के चलते पूरे क्षेत्र का वातावरण ही दूषित हो गया है। मजबूर होकर इस जहरीली हवा में सांस लेना पड़ रहा है। पास में प्राइवेट आईटीआई कालेज है, जिसमें प्रतिदिन बच्चों का आना जाना होता है। प्रदूषण के चलते लोग काफी परेशान है।
मुकेश श्रीवास्तव, निवासी - करतालपुर, आजमगढ़।
नपा प्रशासन की अनदेखी के चलते ही इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है। काम न हो तो कोई भी इस रास्ते से जल्द गुजरना नहीं चाहता। आबादी के बीच पड़ा कूड़े का यह ढेर बीमारी फैला रहा है। यहां मिट्टी पाटने के साथ ही ब्लीचिंग आदि का छिड़काव होना चाहिए।
जितेंद्र गौतम, निवासी - खानपुर भगतपट्टी, आजमगढ़।
जाड़े के मौसम में तो गनीमत थी, लेकिन गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही कूड़े के ढेर से पुन: दुर्गंध उठने लगी है। कुछ दूरी पर ही हमारी दुकान स्थित है, ऐसे में दुर्गंध व धुंए के चलते दुकान पर बैठना मुश्किल हो गया है। यहां साफ-सफाई की अत्यंत जरूरत है।
मो. आजम, स्थानीय दुकानदार, सिविल लाइंस, आजमगढ़।