आजमगढ़ (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश सोशल आडिट महासंघ ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कचहरी स्थित रिक्शा स्टैंड पर सोशल आडिट सदस्यों का नवीनीकरण किए जाने, निर्धारित मानदेय को प्रतिमाह दिए जाने, बैठक कराने के लिए दूर-दराज भेजे जाने पर यात्रा भत्ता दिए जाने सहित तीन मांगों को लेकर जिला प्रभारी धर्मेंद्र यादव की अध्यक्षता में धरना दिया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि शासन के आदेश पर पूरे प्रदेश में सोशल आडिट के लगभग 45000 सदस्यों का वर्ष 2016-17 में चयन किया गया। चयन के पूर्व उनकी मूलभूत समस्याओं पर सम्यक विचार नहीं हो पाने के कारण चयनित सोशल आडिट सदस्यों को कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिसक ो लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। 17 मई को मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन भी दिया गया था। मुख्यमंत्री ने शीध्र ही शासनादेश जारी किए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक कुछ नहीं किया गया। जिला उपाध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि सोशल आडिट सदस्यों का अभी तक नवीनीकरण नहीं किया गया है। जिसको शीघ्र किया जाना जरुरी है। मानदेय जो निर्धारित किया गया है वह समय से नहीं मिलता है। जिसके कारण परिवार का पालन पोषण करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को दूर-दराज पंचायतों में बैठक करने के लिए भेजा जाता है लेकिन उसका भत्ता नहीं दिया जाता है। उन्होंने यात्रा भत्ता दिए जाने की मांग की। धरना में लालचंद, प्रहलाद सिंह, सुशील कुमार सिंह, अजय सोनकर, नरेंद्र प्रसाद, हरेंद्र यादव, रामानंद सागर, संदीप तिवारी सहित अनेक सदस्य शामिल रहे।