आजमगढ़। भाजपा की ओर से शुक्रवार को सिधारी स्थित सभागार में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह और वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता कन्हैयालाल श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान लोकतंत्र सेनानी रामाधीन सिंह का सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि व लोकतंत्र सेनानी रामाधीन सिंह ने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक 21 महीने की अवधि में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से आपातकाल की घोषणा करवा दिया। 25 जून 1975 का वह दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन है जिस दिन लोकतंत्र की हत्या कर और आपातकाल लगाकर समस्त विपक्ष को जेल में ठूस दिया गया था। 21 महिने की उस अवधि में स्वतंत्रता केवल जेल के भीतर थी। मैं उस समय केवल 21 वर्ष का था। हम जैसे तमाम युवा साथियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल में यातनाएं सही। यदि भविष्य में भी किसी सरकार ने लोकतंत्र पर हमला किया तो इस देश का युवा उसकी रक्षा के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटेगा। हर वर्ष हम भाजपा के लोग 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाते हैं। जिलाध्यक्ष आजमगढ़ ध्रुव सिंह ने कहा कि आज के दिन को हम काला दिवस के रूप में मनाते हैं और आज के दिन भाजपा के द्वारा लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह व वेबिनार का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में 200 कार्यकर्ता व पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़कर इस कार्यक्रम में लोगों के विचार को सुने। इस मौके पर लोकतंत्र सेनानी इंद्रपाल यादव, शेखराज यादव, हरिश्चंद्र राय, बालमुकुंद जायसवाल, गुलाब सिंह, प्रेम बिहारी राय, स्वतंत्र कुमार गुप्ता, हनुमान प्रसाद, सभानरायण राय, रामनयन सिंह, रामभवन यादव, डा. लालसा यादव, लालसा पांडेय, शोचन यादव, श्याम नारायण सिंह, लालधारी सिंह, जवाहर लाल सिंह, सूर्यनाथ सिंह, नागेंद्र सिंह, चंद्र विनोद सिंह, रामफेर, सुभाषचंद्र गुप्ता, कपिल देव गुप्त, इंद्रासन सिंह कृष्ण मुरारी पांडेय, निखिल राम, रसवंत सिंह के साथ जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह, अभिनव श्रीवास्तव मौजूद रहे।