जिमाबाद में कंटेनमेंट जोन को सेनेटाइज करता नगर पंचायत का कर्मचारी।
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आजमगढ़। रिकार्ड तोड़ 497 मरीज शनिवार को जिले में मिले थे। वहीं रविवार को नए पॉजिटिव मरीज मिलने के आकड़े में कुछ कमी आई। रविवार को स्वास्थ्य महकमे द्वारा जारी आकड़े के अनुसार 255 नए पॉजिटिव मरीज पाए गए है। सर्वाधिक पॉजिटिव मरीज शहरी इलाकों में ही मिल रहे हैं। जिले में अब तक कुल मिल चुके पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10752 हो चुकी है। वहीं वर्तमान में एक्टिव केस 3214 है।
गंभीर मरीजों को ही कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में ही रखे गए है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि कोविड के सभी मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाए। केंद्रों पर जांच के बाद तत्काल उन्हें पांच दिन की जरूरी दवाओं की किट उपलब्ध करा दी जा रही है। इसके साथ ही कांट्रैक्ट ट्रेसिंग में लगी टीम को भी दवाओं की किट उपलब्ध कराई गई है और जहां भी पॉजिटिव मिल रहे है वहां तत्काल दवा की किट टीम द्वारा उपलब्ध करा दी जा रही है। इसके साथ ही आरटीपीसीआर जांच के बाद पॉजिटिव आने वालों के यहां दवा पहुंचाने की जिम्मेदारी आशाओं को दी गई है। इनके माध्यम से घर-घर दवा भेजे जाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।
तरवां भी बनेगा कोविड अस्पताल
आजमगढ़। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोविड अस्पतलों की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज कर दी गई है। फिलहाल दो सरकारी व तीन प्राइवेट अस्पताल में कोविड मरीज भर्ती किए जा रहे है। अब 100 शैय्या अस्पताल तरवां को भी कोविड अस्पताल में तब्दील करने की योजना है। यहां आक्सीजन पाइप लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। वहीं वर्तमान में आक्सीजन की किल्लत भी है। जैसे ही किल्लत दूर होगी। वैसे ही तरवां में भी कोविड अस्पताल का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
बेड व आक्सीजन के आभाव में दो की मौत
मेजवां। फूलपर कस्बा के दो लोगों की रविवार को बेड व आक्सीजन के आभाव में मौत हो गई। इसमें एक व्यक्ति स्टेट बैंक के बगल में तो दूसरा मंगलवा बाजार का रहने वाला था। स्टेट बैंक के पास रहने वाले 57 वर्षीय व्यक्ति की तीन दिनों से तबीयत खराब थी। कोरोना की जांच भी हुई थी। शनिवार की रात सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन उसे जिस भी अस्पताल पर ले गए वहां बेड व आक्सीजन न होने की बात कह कर वापस भेज दिया गया। समय से इलाज की सुविधा न मिलने से उसने दम तोड़ दिया। मंगलबाजार निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। इसे भी समय से इलाज की सुविधा नहीं मिली और रविवार की सुबह उसकी भी सांस थम गई। दोनों परिवारों में कोहराम मचा है और सभी शासन-प्रशासन के स्वास्थ्स सुविधाओं को कोस रहे है।