बलरामपुर। बदलती जीवनशैली और खानपान की गड़बड़ी के चलते थायरॉइड की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। मंडलीय जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आने वाले 90 से अधिक मरीजों में से लगभग 15 से 20 मरीज थायरॉइड से संबंधित समस्याओं से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
मंडलीय जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि थायरॉइड की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि युवा, महिलाएं और बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं।
गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि जब अत्यधिक या अत्यल्प मात्रा में हार्मोन बनाती है, तो शरीर में कई प्रकार के विकार उत्पन्न हो जाते हैं।
थायरॉइड की समस्या के कारण मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय, लिवर और मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
डॉ. सिंह के अनुसार, यह एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। इसके लिए संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है।