आजमगढ़। जनपद के 22 हजार और मजदूरों को भी श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इसमें 11 हजार मनरेगा के ऐसे मजदूर चिह्नित किए गए हैं जो वर्ष 2019-20 में लगातार 90 दिन मनरेगा का कार्य कर चुके हैं। वहीं, 11 हजार श्रम विभाग के ऐसे श्रमिक हैं जिन्होंने अपना रीन्यूवल नहीं कराया था। इनको अपना पंजीकरण रीन्यूवल कराने की जिम्मेदारी सचिवों को सौंपी गई
उप श्रमायुक्त रोशन लाल ने बताया है कि कोरोना संक्रमण के दौरान आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भरण-पोषण के लिए 1000 देने की घोषणा की थी। आजमगढ़ में 21049 श्रमिकों के खातों में 2,104,9000, जनपद मऊ में 7542 श्रमिकों के खातों में 75,42,000 तथा जनपद बलिया के 17487 श्रमिकों के खातों में 1,74,87,000 की धनराशि भेजी जा चुकी है। आर्थिक सहायता के लिए पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को दूसरी किस्त भी दी जाएगी। द्वितीय किस्त अभी जनपद आजमगढ़ के 435 श्रमिकों को 4,35,000 रुपये का भुगतान किया गया है। बलिया में 70 श्रमिकों को 70,000 का भुगतान किया गया है। अन्य श्रमिकों को भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। उधर, जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि श्रम विभाग के 11 हजार श्रमिकों ने अपने पंजीकरण का रीन्यूल नहीं कराया था। इसे सचिवों के माध्यम से कराया जा रहा है। वहीं, 11251 ऐसे मनरेगा मजदूरों का भी श्रम विभाग में पंजीकरण कराया जा रहा है जो वर्ष 2019-20 में लगातार 90 दिन मनरेगा का कार्य कर चुके हैं। इन लोगों को भी श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिलेगा।