आजमगढ़। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता में अब कुछ हद तक सुधार हुआ है। सदर अस्पताल में एंटी रेबीज तो महिला में एंटीबायोटिक की किल्लत है। जिसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं अस्पताल के साथ ही लगभग सभी मरीजों को सरकारी डॉक्टर बाहर की दवाएं भी लिख रहे है।
सदर अस्पताल पर एंटी रेबीज को छोड़ कर अन्य सभी प्रकार के दवाओं की स्थिति पहले की अपेक्षा काफी बेहतर है। एंटी रेबीज लगभग एक सप्ताह से उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रतिदिन अस्पताल पर 70 से 80 वायल एंटी रेबीज की आवश्यकता होती है लेकिन वर्तमान में प्रतिमाह सिर्फ 320 वायल ही उपलब्ध हो पा रहा है। जिसके चलते मरीज बैरंग वापस लौटने को मजबूर है। वहीं एंटीबाइटिक व डायबिटीज समेत अन्य सभी प्रकार के बीमारियों की दवाएं अस्पताल पर उपलब्ध है, जिन्हें प्रतिदिन मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं मंडलीय अस्पताल पर एंटीबाइटिक दवाओं की कुछ कमी जरूरी है, जिसके चलते यहां इलाज के लिए आने वाली महिलाओं बाहर से एंटीबाइटिक लिखी जा रही है। महिला रोग से संबंधित अन्य सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध है।
महिला अस्पताल पर सभी दवाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। एंटीबाइटिक की भी कोई समस्या नहीं है। मरीजों को अस्पताल से ही एंटी बाइटिक भी उपलब्ध करायी जा रही है। - डॉ. अमिता अग्रवाल, सीएमएस, महिला अस्पताल।
एंटीरेबीज को छोड़ कर अन्य सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध है। एंटी रेबीज बीते कई माह से पर्याप्त मात्रा में नहीं उपलब्ध हो रहा है। जिसके चलते कुछ समस्या जरूर सामने आ रही है। - अनिल राय, चीफ फार्मासिस्ट, सदर अस्पताल।