आजमगढ़। जनपद में प्रत्येक माह औसतम 65 से ज्यादा एचआईवी के नये मरीज सामने आ रहे हैं। इसकी गवाही स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े दे रहे हैं। प्रदि दिन के आंकड़ों देखे तो रोजाना दो नये मरीज चिह्नित हो रहे हैं। सरकार इस खरनाक बीमारी के प्रति लोगों को डागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। इसके बाद भी बड़ी मात्रा में लोग इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। पिछले दो साल के दौरान जनपद में एचआईवी के 5028 मरीजों को चिह्नित किया जा चुका है। इनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। एचआईवी एड्स एक लाइलाज बीमारी है और इससे बचाव ही इसका एकमात्र उपचार है। पिछले कुछ सालों से वैज्ञानिकों ने इस बीमारी का इलाज ढूंढने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें बड़े स्तर पर सफलता नहीं मिल पाई है। अबी एक ही रास्ता है, वह है बचाव का। रास्ता जो बिना सही जानकारी के संभव नहीं है। विश्व में हर साल इस बीमारी के चलते लगभग 35 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। केंद्र सरकार की ओर से इस बीमारी बचाव के काफी प्रचार-प्रसार किए जाते हैं। इसके बाद ही अशिक्षा, जागरूकता और लापरवाही के कारण इसके मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जनपद की बात करें तो रोजाना दो मरीजों की दर से माह में औसतन 65 नये मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसा जिला अस्पताल के एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर की पिछले पांच माह की रिपोर्ट बता रही है। पिछले पांच मांह में यहां 388 नये मरीज चिहिंनत हुए हैं। इन लोगों का एआरटी सेंटर पर इलाज चल रहा है। वर्ष 2016 से अबतक कुल 5028 मरीज चिह्नित हो चुके हैं।
अशिक्षा, जागरूकता की कमी और इलाज में लापरवाही के कारण इसके मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नौकरी करने वाले और बाहर रखने वाले इलाज बीच में छोड़ देते हैं। सभी को इस बीमारी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। समय पर जांच और ट्रीटमेंट कराना चाहिए। डॉ. राजनाथ, नोडल अधिकारी (एआरटी सेंटर)