स्थानीय कस्बा के रहने वाले तीन लोगों ने बैंकों से लोन लिया था। लोन जमा करने के बजाय तीनों बकायेदारों ने खुद को दिवालिया घोषित कर लिया। इन तीनों से बैंकों के लोन की वसूली के लिए रविवार को एसडीएम बूढ़नपुर इंद्रभान तिवारी के नेतृत्व में राजस्व टीम अतरौलिया कस्बे में धमक पड़ी। टीम के कस्बे में आने की जानकारी होते ही बकायेदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने तीनों बकायेदारों के यहां छापेमारी की कार्रवाई की।
एसडीएम बूढ़नपुर ने बताया कि अतरौलिया कस्बा निवासी सतीश पुत्र श्यामकरन पर 12 लाख, मथुरा पुत्र कन्हैया पर 1.2 लाख और अरविंद पुत्र बेनी पर आठ लाख रुपये बैंक के लोन का बकाया है। बैंक द्वारा इन्हें कई बार नोटिस दी गई, लेकिन इन्होंने न तो बकाया ही जमा किया न ही उपस्थित होकर अपना पक्ष ही रखा। बैंक द्वारा लोन की वसूली के लिए तहसील प्रशासन को सूचना दी गई। जिस पर रविवार को तीनों बकायेदारों के यहां छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान सतीश पुत्र श्यामकरन और अरविंद पुत्र बेनी को राजस्व टीम ने पकड़ लिया। इनके द्वारा कुछ बकाया जमा करने पर छोड़ दिया गया। वहीं तीसरा बकायेदार मथुरा पुत्र कन्हैया टीम के पहुंचते ही घर छोड़ कर फरार हो गया। उन्होंने बताया कि छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान लगभग पचास हजार रुपये की राजस्व वसूली की गई। एसडीएम के इस कार्रवाई से बैंक के बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।