आजमगढ़। शासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2017-18 तक नगर निकायों में 10650 शौचालय के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 4418 का निर्माण हो चुका है और 4590 निर्माणाधीन है। अभी तक सिर्फ 9008 शौचालयों को निर्माण की ही कवायद चल रही है। शेष 1642 लाभार्थियों का चयन भी नहीं किया जा सका है। संबंधित अधिशासी अधिकारियों को शिथिलता पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि डोर टू डोर सर्वे कर लाभार्थियों का चयन किया जाए।
नगरीय क्षेत्र को ओडिएफ घोषित करने के लिए निकायों को व्यक्तिगत शौचालय बनवाने का भी लक्ष्य दिया गया था। अक्तूबर 2018 तक जनपद को ओडिएफ घोषित कराना है। जनपद की 13 निकायों को कुळ 10650 शौचालय बनवाने का लक्ष्य मिला था। इसमें 4418 का निर्माण हो चुका है और 4590 निर्माणाधीन है। अभी तक सिर्फ 9008 शौचालयों को निर्माण की ही कवायद चल रही है। शेष 1642 लाभार्थियस्त्रत्तें का चयन भी नहीं किया जा सका है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ दिन ही शेष बचे हैं और निकायों के अधिकारी इस इंतजार में बैठे हैं कि लाभार्थी शौचालय बनवाने के लिए निकायों के कार्यालय में आएंगे और आवेदन करेंगे। पिछले दिनों कलक्ट्रेट सभागार में हुई नगरीय निकाय की बैठक में में एडीएम प्रशासन ने निकायों को अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कहा कि प्रत्येक सप्ताह में निकायों की बैठक आयोजित कर समीक्षा की जाए। इसके साथ ही डोर टू डोर सर्वे कर लाभार्थियों का चयन किया जाए। शेष 1642 शौचालय का निर्माण करा वित्तीय वर्ष में सौचालय का निर्माण पूरा कराया जाए।