फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। जेल के गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सोमवार से जेल के बाहर मंडलायुक्त के रविंद्र नायक के निर्देश पर एक सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है। यहां तैनात किए गए पीएसी के जवान जेल के अंदर और बाहर के गतिविधियों पर नजर रखते हुए सघन तलाशी भी लेंगे।
विज्ञापन

जेल कर्मियों की मिली भगत के चलते जेल के भीतर तमाम दुव्र्यवस्थाएं उत्पन्न हो गई हैं। भीतर निरुद्ध अपराधी धड़ल्ले से मोबाइल आदि का प्रयोग करते हुए बाहर के लोगों को फोन कर उनसे रंगदारी आदि मांग रहे थे। जेल के भीतर मोबाइल चलने का विरोध करने पर ही बदमाश के इशारे पर अपराधियों ने 22 जनवरी की रात जेल परिसर में स्थित सरकारी आवास में घुसकर बंदी रक्षक मानसिंह यादव को गोली मार दी थी। हालांकि पुलिस बंदी रक्षक को गोली मारने वाले एक बदमाश मुकेश राजभर को 26 जनवरी की रात हुए मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जबकि दूसरा अखिलेश यादव अभी भी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। उधर घटना के बाद से ही जेल के अधिकारी और कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित थे। सुरक्षा के लिए एसपी, डीएम आदि से गुहार लगाए थे। सोमवार को मंडलायुक्त के रविंद्र नायक के निर्देश पर एसपी अजय कुमार साहनी ने जेल के बाहर एक सेक्शन पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया। यह लोग जेल के अंदर और बाहर के सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखते हुए बदमाशों के गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज यादुवेंद्र शुक्ला ने बताया कि मंडलायुक्त के निर्देश पर जेल के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से एक सेक्शन पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। इनकी मौजूदगी होने की वजह से जेल की व्यवस्थाओं में जरुर सुधार होगा।




राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के विरुद्घ कार्रवाई करने का निर्देश
आजमगढ़। आदेश के बाद स्थाई पत्थर न लगवाने पर दोबारा हुई शिकायत पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने उप जिलाधिकारी सदर को दोषी राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के विरुद्घ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही कार्रवाई कर तीन दिन में अवगत कराने को कहा है।
विज्ञापन

जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को निर्देशित करते हुए कहा कि वह चकबंगाली गांव निवासी राममूरत पुत्र स्व. तेजू के प्रार्थना पत्र का अवलोकन करें। जिसमें अवगत कराया गया है कि प्रार्थी द्वारा वर्ष 2012 में धारा 29/41 भू-राजस्व अधिनियम के तहत उभयपक्षों की बहस के बाद एसडीएम सदर द्वारा अंतिम निर्णय चार दिसंबर 2017 का पारित किया जा चुका है। पत्थर स्थाई के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व द्वारा चार दिसंबर और दोबारा एसडीएम सदर के आदेश 30 और 23 फरवरी को आदेश हुआ। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा भी16 फरवरी को आदेश दिया गया। लेकिन राजस्व निरीक्षक द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि वह तत्काल संपूर्ण प्रकरण की जांच करें। प्रकरण में दोषी राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई कराते हुए तीन दिन में अवगत कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें