आजमगढ़। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियन्त्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद के सात ब्लाकों में एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान 24 फरवरी से 10 मार्च तक चलेगा। इसके अंतर्गत मरीजों को खोजकर उसका इलाज किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सामान्य आबादी से टीबी के छूटे हुए मरीजों की खोज करना उनका उपचार और टीबी रोग के संक्रमण से अतिशीघ्र बचाव के लिए प्रयास करना है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सघन टीबी खोज अभियान की तैयारी बैठक में उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी मेहनत के साथ कार्यक्रम को शत प्रतिशत सफल बनाएं। बीएसए को निर्देश दिए कि स्कूली बच्चों को प्रार्थना के समय रोग के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दें। संपूर्ण आबादी के 10 प्रतिशत यानी लगभग पांच लाख जनसंख्या पर एसीएफ चलाया जाना है। सात ब्लॉक में अभियान चलेगा। मुबारकपुर, सठियांव, फूलपुर, पवई, लालगंज, रानी की सराय और नगर क्षेत्र शामिल है। तीन सदस्यीय कुल 204 टीमों का गठन किया गया है। 42 पर्यवेक्षक और 15 चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। एसडीएम, एसओ, बाल विकास और खंड विकास अधिकारी को सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सीएमओ, जिला क्षय रोग अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं रानी की सराय में स्वास्थ्य केंद्र पर 24 फरवरी से शुरू होने वाले अभियान की तैयारियों पर चर्चा की गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजय यादव ने कहा कि अभियान के तहत 20 टीमों के 12500 घरों पर टीम के पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में डॉ. सुरेंद्र शर्मा, आशुतोष, खुर्शीद, दीवाकर के साथ ही ग्राम प्रधान व बीडीसी आदि मौजूद रहे।