आजमगढ़। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण प्रतिभाओं की समस्या को समझते हुए प्रत्येक राजस्व ग्राम में आरक्षित खेल के मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उसे खेलने योग्य बनाने को कहा है। जहां खेल मैदान आरक्षित नहीं हैं, वहां इसकी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। दो माह के भीतर पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को एक सप्ताह के भीतर इसे चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा है।
ग्रामीण खेल प्रतिभाएं सुविधाओं के अभाव में निखर नहीं पा रही है। ऐसा नहीं है कि सरकार की ओर से इन प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सरकार की ओर से राजस्व ग्रामों में खेल के मैदान के लिए जमीन आरक्षित की गई है, लेकिन इस पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी ये बात आ चुकी है कि खेल मैदानों के रहते हुए इसकी सुविधा ग्रामीण क्षेत्र के बालकों को नहीं मिल पा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव लीना जौहरी ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि प्रत्येक राजस्व ग्रामों में आरक्षित खेल मैदानों को अतिक्रमणमुक्त कराके इसे उपयोग के लायक बनाया जाए। यदि किसी राजस्व ग्राम में खेल मैदान आरक्षित नहीं है तो उपयुक्त जमीन को आरक्षित कर इस पर खेल के मैदान की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। सभी जिलाधिकारी को अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह तक मामले में कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा गया है। निर्देश मिलने के बाद जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को पत्र भेजकर आदेश पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही मामले में अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है।
000000000
शासन से प्रत्येक राजस्व ग्राम में खेल मैदानों को अतिक्रमणमुक्त कराने और जहां मैदान नहीं हैं वहां व्यवस्था करने के निर्देश मिले हैं। सभी एसडीएम से इस बारे में एक सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट मांगी गई है। अतिक्रमण हटाने के साथ ही जहां व्यवस्था नहीं है, वहां खेल मैदान बनाए जाएंगे।
सीबी सिंह, जिलाधिकारी