आजमगढ़। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना के तहत विकास के लिए गांवों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना के तहत चार बिंदुओं पर गांवों के चयन के निर्देश दिए गए हैं। इसमें शहीदों के अलावा मुसहर-अन्य जनजाति बहुल और अति पिछड़े गांव का चयन कर प्राथमिकता के आधार पर विकास कराए जाएंगे। भले ही ये गांव किसी दूसरी योजना में ही चयनित क्यों न हो। जनपद के कुल ग्रामों के साढ़े चार फीसदी गांवों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। इसकी संख्या लगभग 125 के आपसपास होगी।
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना के तहत विकास के लिए जनपद के कुल राजस्व ग्रामों को साढ़े चार फीसदी गांवों का चयन किया जा रहा है। इसमें शासन से चार बिंदुओं पर गांवों को विकास के लिए चयनित करने का निर्देश दिया गया है। एक बिंदु सीमावर्ती क्षेत्र स्थित गांवों का है। क्योंकि दूसरे राज्य की सीमा पर स्थित गांव अक्सर विकास के दूर रह जाते हैं, लेकिन जिले की कोई भी सीमा किसी राज्य को नहीं छूती है। इसलिए इस बिंदु पर जनपद में एक भी गांव नहीं मिले हैं। शासन ने दूसरे बिंदु पर ऐसे गांवों के चयन के निर्देश दिए जहां मुसहर और अन्य जनजातियों के लोग निवास करते हों। तीसरे बिंदु पर शहीदों के गांवों को चयनित करना है। चौथे बिंदु पर अति पिछड़े गांवों का चयन करने को कहा गया है, जहां विकास की किरण आज तक नहीं पहुंच सकी है।
शासन के निर्देश के बाद गांवों के चयन की प्रक्रिया प्रशासन की ओर से कर दी गई है। सैनिक कल्याण बोर्ड की सहायता से शहीदों से संबंधित जनपद के 26 गांवों का चयन पहले ही किया जा चुका है। जनजातियों और अति पिछड़े गांवों का भी चयन कर लिया गया है। अभी तक प्रशासन की सूची में लगभग 125 गांव शामिल हो चुके हैं। जल्द ही इन गांवों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी है। इसके बाद इसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। शासन से निर्देश मिलने के बाद इन गांवों में विकास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें उन गांवों को भी शामिल किया जाएगा, जो किसी अन्य योजना से भी आच्छादित हो रहे हों।
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योजना के तहत शासन से चार बिंदुओं पर गांवों के चयन कका काम सौंपा गया था। लगभग 125 गांवों का चयन कर लिया गया है। यदि कोई गांव छूट रहे हैं तो उसे भी शामिल किया जाएगा। जल्द ही सूची शासन को भेज दी जाएगी। निर्देश के अनुसार विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
अभिषेक सिंह, सीडीओ