आजमगढ़। तापमान में गिरावट से पशुओं में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में खास तौर से दुधारू पशुओं का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। लापरवाही बरतने पर दुग्ध उत्पादन के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। उक्त जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के पशु विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. एलसी वर्मा ने दी है।
पशु वैज्ञानिक ने बताया कि ठंड के मौसम में पशुपालक अपने पशुओं को संतुलित आहार दें। इसके साथ ही प्रोटीन, खनिज तत्व, पानी, विटामिन व वसा आदि पोषक तत्व पर विशेष ध्यान दे। इन दिनों पशुओं को विशेष देख-भाल की जरूरत होती है, ऐसे में पशुओं कें खान-पान व दूध निकालने का समय एक ही होना चाहिए। इसके अलावा पशुओं को ठंड से बचाने के लिये पशुपालन विभाग की ओर से चलाये जाने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में टीके अवश्य लगवाने की बात कही। ताकि पशु ठंड के मौसम में निरोग रहे। ठंड से पशुओं को बचाने के लिए पशुघरों में भी तापमान नियंत्रित रखने का इंतेजाम किया जाना चाहिए। शीतलहर से बचाने के लिए दुधारू पशुओं को बिनौला अधिक मात्रा में खिलाना चाहिए और उनके पास सेंधा नमक रखना चाहिए। इसके साथ ही हरा चारा के साथ सुखा चारा अवश्य मिला कर उन्हें दे और गुनगुना अथवा ताजा पानी अवश्य पिलाये। धूप निकलने पर ही पशुओं को बाहर बांधे।