सरायमीर। हदीस का अद्भुत ज्ञान रखने वाली महिलाओं की संख्या दस हजार से भी अधिक है। यह बातें सोमवार को मदरसा इस्लाह सरायमीर में आयोजित महिलाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैंब्रिज विश्वविद्यालय लंदन के डीन डा. मोहम्मद अकरम ने कही।
उन्होंने कहा कि संग्रहित हदीसों का चौथा हिस्सा केवल महिलाओं की खूबियों से भरा है। मध्य युग में महिलाओं का इस्लाम में ऊंचा मुकाम रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाए पुरुषों की इमामत नहीं कर सकती हैं। अध्यक्षता कर रहे मदरसे के सदस्य डा. शकील अहमद बहरैनी ने कहा कि महिलाओं के प्रति हीन भावनाओं को निकलना जरूरी है। इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। सरफराज अहमद मदनी ने कहा कि बिना कुरान की शिक्षा के दुनिया में शांति स्थापित नहीं हो सकती है। दुनिया में मानवता कराह रही है। ऐसी स्थितियों मेें कुरान की शिक्षाओं का पालन करके ही शांति स्थापित की जा सकती है। सुहैल अहमद ने आए हुए मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मदरसे के छात्र और उनके अभिभावक मौजूद रहे।