आजमगढ़ के मुबारकपुर में दो माह से अधिक समय से मुबारकपुर कस्बा समेत आसपास के क्षेत्रों में फैली पीलिया का अब तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। नपा प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा की सारी कवायद फेल है और पीलिया के नये मरीजों के सामने आने के क्रम पर अब तक रोक नहीं लग सकी है। नपा के दूषित पानी को कारण बताने वाला स्वास्थ्य महकमा भी अब तक यह स्पष्ट नहीं कर सका है कि वास्तव में पीलिया का मुख्य कारण क्या है। कहीं कस्बे में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ व फ्राइड राइस तो इसके मुख्य कारण नहीं है, क्योंकि अब तक इन्हीं पर लगाम नहीं लग सका है।
जिला प्रशासन ने तो मुबारकपुर कस्बे में फैले पीलिया की अब तक सुधि नहीं लिया है। स्वास्थ्य महकमा व नपा प्रशासन ही एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए पीलिया के रोकथाम में जुटे हुए हैं। नपा के पानी को दूषित बताया जा रहा है तो वहीं अब नपा का दावा है कि उसका पानी दूषित नहीं है। जब नपा का पानी दूषित नहीं है तो निश्चित तौर पर कस्बे में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कारण हो सकते है, लेकिन इसके जांच पड़ताल की कवायद हुई तो जरूर लेकिन सब कुछ अब तक हवा हवाई ही है। नपा व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीएम से मिल कर उच्चस्तरीय जांच की बात कही तो डीएम ने एफडीए को मुबारकपुर में 15 दिनों तक सख्ती बरतते हुए खाद्य पदार्थों की सेंपलिंग करने और फ्राइड राइस व अन्य तली भूनी चीजों की दुकानों को बंद कराने का निर्देश दिया। चार दिनों तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम सक्रिय रही लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इन चार दिनों में तीन दर्जन भर नमूने लिए गए लेकिन अब तक एक भी नमूने की जांच रिपोर्ट नहीं आयी है।
मिलावटी तेल की जम कर होती है बिक्री
कस्बे में मिलाटवी तेल का प्रयोग जम कर होता है। कई बड़े दुकानदार तो अब नकली व मिलावटी तेल की कस्बे में ही पैकिंग भी कर रहे है। ऐसा नहीं है कि खाद्य एवं औषधि विभाग को इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद भी एफडीआई की टीम कभी भी इन मिलावटी तेल का कारोबार करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
सजने लगा है सिंथेटिक खोवा मार्केट
आगामी होली के पर्व को देखते हुए सिंथेटिक खोवा, छेना, पनीर समेत अन्य दुग्ध पदार्थो का मार्केट भी कस्बे में सजने लगा है। वहीं तमाम तरह की मिलावटी नमकीन आदि भी बाजारों में आ चुके है, लेकिन एफडीआई की टीम ने अब तक जांच शुरू नहीं की है।
नमूनों को जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। रिपोर्ट अब तक नहीं आई है, उम्मीद है कि दो-चार दिनों में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। वैसे जहां तक पीलिया की बात है तो निश्चित तौर पर लोग ज्यादा तला-भुना व गरिष्ठ भोजन कर रहे हैं। इसी के चलते अब तक पीलिया कंट्रोल नहीं हो सका है।
- डीके राय, मुख्य खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी, आजमगढ़।