लाटघाट। सीएचसी हरैया प्रभारी डॉ. देवानंद यादवकी पिछले दिनों अपना दल के कार्यकर्ता से झड़प हो गई थी। मामले की शिकायत सीएमओ से हुई। सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी का मामले में स्पष्टीकरण तलब किया। अभी स्पष्टीकरण मिला भी नहीं था कि सीएचसी प्रभारी का वेतन रोक दिया गया। इस कार्रवाई से सीएचसी प्रभारी के साथ ही वहां तैनात अन्य डॉक्टरों व कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। उनका आरोप है कि मेरे साथ मारपीट की और बिना जांच के मेरे ऊपर ही कार्रवाई कर दी गई। सीएचसी हरैया पर डॉ. देवानंद यादव बतौर प्रभारी तैनात है। बीते 16 नवंबर को सीएचसी पर अपना दल से जुड़े अराजी देवारा नैनीजोर नई बस्ती गांव निवासी विनोद साहनी वहां मेडिकल सर्टीफिकेट बनवाने के लिए आए थे। सीचएसी प्रभारी की माने डॉ. देवानंद ने तो कागजातों में कमी के चलते मेडिकल बनाने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर विनोद साहनी ने डॉ. देवानंद को अपशब्द बोले और मारपीट तक की। इसकी तहरीर डॉ. देवानंद ने रौनापार थाने पर दी, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। वहीं, विनोद साहनी ने सीएचसी पर हुए इस प्रकरण की शिकायत सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार से की। चिकित्सक पर अभद्रता का आरोप लगाया। सीएमओ ने पहले डॉ. देवानंद से स्पष्टीकरण मांगा। बाद में बिना कोई जांच कराए ही डॉ. देवानंद का वेतन भी रोकने का फरमान सुना दिया गया। सीएमओ की इस कार्यप्रणाली से सीएचसी प्रभारी के साथ ही वहां तैनात अन्य डॉक्टरों व कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। डॉ. देवानंद ने आरोप लगाया कि राजनैतिक दबाव में बिना मेरी बात सुने ही मुझ पर कार्रवाई की गई है। विनोद साहनी के पास आवश्यक कागजात नहीं मौजूद थे, जिसके चलते ही उसका मेडिकल नहीं बनाया गया था। विनोद ने मेरे साथ गालीगलौज के साथ ही मारपीट की। घटना से ओपीडी भी प्रभावित हुई। विभाग मुझ पर ही कार्रवाई कर रहा है और पुलिस मेरी शिकायत पर मुकदमा पंजीकृत नहीं कर रही है। मुझे अज्ञात नंबर से धमकी भी दी जा रही है।
घटना वाले ही दिन मैं सीएचसी पर पहुंचा था, जहां पूरे मामले की जानकारी हुई। विनोद साहनी बिना डाक्यूमेंट उपलब्ध कराए ही मेडिकल बनवाना चाहते थे, जिस पर प्रभारी ने मेडिकल नहीं बनाया। प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई सीएमओ का अधिकार क्षेत्र है। मेरी जानकारी में प्रभारी की गलती नहीं है।
डॉ. सीपी गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, सगड़ी तहसील क्षेत्र।
राजनैतिक दबाव कोई नहीं है, सिर्फ शिकायत पर सीएचसी प्रभारी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद जैसा होगा आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ हुई शिकायत यदि निराधार साबित हुई तो उनका वेतन जारी कर दिया जाएगा।
डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ, आजमगढ़।