आजमगढ़। जिले की साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत हो गई है। किसानों को इस समय इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होने की वजह से इसे ऊंचे दाम पर खरीद रहे हैं। वहीं विभाग द्वारा यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता होने का दावा किया जा रहा है।
किसानों को इस वक्त यूरिया की जब सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन साधन सहकारी समितियों से यूरिया गायब है। किसानों को इस वक्त धान की यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करनी है। 45 किग्रा यूरिया की बोरी को 50 किग्रा यूरिया की बोरी के दाम पर बिक रही है। एक तो आधे से अधिक समितियों में यूरिया बहुत कम है और जहां है भी वहां वसूली की जा रही है। डीएम के निर्देश पर सहायक निबंधन सहकारिता ने सभी सचिवों को हिदायत दिया है कि यूरिया सहकारी समितियों से निर्धारित मूल्य पर ही किसानों को दिया जाए। साथ ही किसानों को भी सलाह दी है कि यूरिया खरीद की रसीद अवश्य लेें। लेकिन जब साधन सहकारी समितियों पर यूरिया ही नहीं है तो इन निर्देशों का कोई मतलब ही नहीं है। अब लोगों के पास प्राइवेट दुकानदारों की आसरा है। वह उनसे महंगी कीमतों पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।
जिले में यूरिया की कमी नहीं है। पीसीएफ गोदाम में 5000 एमटी यूरिया पड़ी है। सोमवार तक तीन हजार एमटी यूरिया और आ जाएगी। 2600 एमटी यूरिया रविवार की शाम तक आ जाएगी। इसके अलावा भी कई जगहों से यूरिया की खेप आ रही है।
उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी।
साधन सहकारी समिति में बंद रहता है ताला
सगड़ी। तहसील क्षेत्र के साधन सहकारी समिति सराय सागर मालटारी में यूरिया नहीं है। साधन सहकारी समिति में हमेशा ताला बंद रहता है और किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। क्षेत्र के किसान जयप्रकाश मौर्य, बालचंद, मुकेश राय, बाबूलाल, सुरेश आदि का कहना है कि साधन सहकारी समिति पर खाद न मिलने से किसानों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले जब खाद मिलती थी तो हम लोग खाद उधार ले लेते थे और जब फसल पककर तैयार होती थी तो अनाज बेचकर खाद का पैसा जमा करते थे। लेकिन साधन सहकारी समिति पर खाद नहीं मिल रही है जिसके चलते कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समितियों द्वारा भेजी गई डिमांड
तहबरपुर। क्षेत्र में कुल 12 साधन सहकारी समितियां हैं। इनमें से ज्यादातर समितियां निष्क्रिय चल रही हैं। केवल चार समिति से यूरिया की डिमांड भेजी गई है। जिसके आने के बाद किसानों में यूरिया का वितरण किया जाएगा। एडीओ सहकारिता सौरभ कुमार ने बताया कि टीकापुर समिति पर आज यूरिया आ जाएगी।
महराजगंज क्षेत्र में तीनों समितियों पर खाद उपलब्ध
कटानी बाजार। महराजगंज ब्लाक क्षेत्र में कुल 16 सहकारी समितियां है। इनमें से 13 समितियां निष्क्रिय हैं। तीन समितियां संचालित हो रही है। जिन पर पर्याप्त मात्र में यूरिया उपलब्ध है। यहां आने वाले हर किसान को यूरिया उपलब्ध कराई जा रही है।
समितियों से यूरिया गायब किसान हलकान
बूढ़नपुर। वर्तमान में किसानों को धान की टाप ड्रेसिंग करनी है। जिसके लिए उन्हें यूरिया की सख्त जरूरत है। लेकिन साधन सहकारी समितियों पर यूरिया न होने के कारण उन्हें बाजार से ऊंचे दाम पर यूरिया खरीदने पड़ रही है। साधन सहकारी समितियों के सचिवों का कहना है कि डिमांड भेजी गई है।