आजमगढ़। पॉलिथीन पर रोक की वजह से लोगों को उसके बड़ी मात्रा में उसके विकल्पों की आवश्यकता होगी। इसे पूरा करने का जिम्मा राष्ट्रीय अजीविका मिशन से संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा गया है। कैरी बैग, झोला और ठोंगे प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा बनाए जाएंगे। इस संबंध में दो-तीन दिन के भीतर अंतिम रणनीति बनाई जाएगी।
सरकार की ओर से पॉलिथीन पर रोक लगा दी गई है। 15 अगस्त तक प्लास्टिक के अन्य उत्पादों को बंद करने की बात कही गई है। फिलहाल पॉलिथीन के विकल्प जनपद में तैयार नहीं किए जाते हैं। वैकल्पिक कैरी बैग, झोले और अखबार के ठोंगे आदि को अभी तक बाहर से ही बल्क में लाया जाता था। पॉलिथीन के बंद होने पर इनकी कमी की आशंका जताई जा रही है। अब इन्हें बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने की तैयारी है। डीसी एनआरएलएम बीके मोहन की माने तो विभाग के पास 815 प्रशिक्षित महिलाएं हैं। इन्हें रॉमैटेरियल व्यापारियों की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। पिछली उद्योग बंधु की बैठक में व्यापारियों से इस संबंध में बात हुई थी। व्यापारी भी तैयार थे। हैंड विभाग की ओर से उपलब्ध करा दिया जाएगा। व्यापारियों को रामैटेरियल की व्यवस्था करनी है। इस संबंध में जल्द ही व्यापारियों की एक बैठक- दो-तीन दिन के भीतर की जाएगी और अंतिम रणनीति बनाई जाएगी। योजना परवान चढ़ती है तो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लंबा रोजगार मिलेगा।