आजमगढ़। अस्पतालों में दवाओं की खरीद के लिए शासन ने ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू कर दी है। बुधवार को मंडलीय अस्पताल के लिए ईं-टेंडरिंग का अंतिम दिन था, लेकिन मानक के अनुरूप आवेदन नहीं आए है। दवा फर्मों ने ईं-टेंडर के माध्यम से दवाओं का टेंडर लगने में रुचि नहीं दिखाई है। ऐसे में दवाओं की किल्लत अभी जारी रहेगी।
इधर कुछ महीनों से मंडलीय अस्पतालों समेत सभी सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की किल्लत चल रही है। अस्पतालों पर दवाओं की खरीद के लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से दवा फर्मों से आवेदन लिया जाना था। बुधवार को आवेदन की अंतिम तिथि तक आवेदन ही नहीं आये है। चीफ फार्मासिस्ट अनिल राय के अनुसार वर्तमान में अस्पताल के दवा स्टॉक में लगभग 170 से ज्यादा दवाएं उपलब्ध है। इमरजेंसी में कोई दवा की जरूरत होती है तो उसे स्थानीय स्तर पर क्रय कर मरीज को उपलब्ध कराया जा रहा है। फिर भी कुछ दवाएं कभी-कभार उपलब्ध नहीं हो पाती है। शासन से बजट कम मिलने और ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू होने के चलते दवा की खरीद में परेशानी आ रही है। किसी तरह आरसी और कोटेशन आदि के माध्यम से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दवाओं को मंगाया जा रहा है।