मेजवां। फूलपुर क्षेत्र में ‘लाल सोना’ कही जाने वाली लाल मिर्च की मंडी में आवक शुरू हो गई है। इस बार ग्रामीण इलाकों में इसकी अच्छी पैदावार हुई है। रविवार को 1700 रुपये प्रति कुंतल लाल मिर्च की बिक्री हुई।
वर्ष 1975 के बाद से गन्ने का वाजिब दाम न मिलने और इसकी खेती में अधिक ताम-झाम के चलते किसान लाल मिर्च की खेती करने लगे। फूलपुर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में लाल मिर्च की खेती प्रमुखता से होती है। मंडी में इसकी मुख्य रूप से आवक 14 जनवरी से शुरू हो जाएगी। वर्ष 1976 में मिर्च मंडी फूलपुर के शनिचर बाजार चौक के आसपास लगती थी। वहां जाम लगने से इसे हटाकर दूसरी जगह कर दिया गया है। व्यापारी अधिकतर ट्रकों से लाल मिर्च ले जाते हैं। मंडी में पूर्वांचल के कई शहरों से व्यापारी आते है। मिर्च के प्रमुख व्यवसायी अंगद सोनकर ने बताया कि इस वर्ष लाल मिर्च की अच्छी पैदावार हुई है। इसकी खेती मेजवां, दुलारपुर, चमावां, बनवीरपुर, माहुल, अहरौला, दुर्वासा, पूरव पट्टी, कोल, जगदीशपुर, कनेरी, इटकोहियां, सुदनीपुर बहाहुद्दीनपुर, चकनूरी, जौमा, बक्शपुर आदि स्थानों पर प्रमुखता से की जाती है। पिछली बार मंडी में 2.70 लाख टन मिर्च का व्यापार हुआ था। रेट 1000-1200 प्रति क्विंटल के बीच रहा था। इस बार मंडी में तीन से साढ़े तीन लाख टन मिर्च आने की उम्मीद है। अभी तक 1600-1700 रुपये प्रति क्विंटल का रेट खुला है।