आजमगढ़। नगर निकाय चुनाव प्रचार के लिए चुनाव आयोग द्वारा प्रत्याशियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि नगर पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवार तीन गाड़ियों और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चुनाव प्रचार में दो गाड़ियों से प्रचार कर सकेंगे। जबकि नगरपालिका और नगर पंचायत के सदस्यों के लिए एक दो पहिया वाहन से प्रचार की अनुमति दी जाएगी।
जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजे निर्देश में आयोग ने कहा है कि नगर निकाय चुनाव में नगरपालिका अध्यक्ष पद का उम्मीदवार तीन, नगर पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार दो, नगर पालिका और नगर पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों को एक दो पहिया वाहन से प्रचार करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। लेकिन इसके लिए उन्हें वाहनों के संचालन के लिए रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी परमिट को विंड स्क्रीन पर प्रदर्शित करना होगा। उक्त परमिट पर उस उम्मीदवार की वाहन संख्या और उसका नाम अंकित करना होगा जिसके पक्ष में परमिट जारी की गई हो। उस वाहन के अलावा उम्मीदवार कोई दूसरा वाहन प्रयोग करता है तो इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। निर्वाचन प्रचार अवधि में अगर जुलूस निकालना है तो नगर पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को 10, नगर पंचायत अध्यक्ष पद को पांच नगर पालिका सदस्य पद के उम्मीदवार को तीन और नगर पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार को दो वाहनों की अनुमति मिलेगी। इन वाहनों का प्रयोग प्रत्याशी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त कर प्रयोग कर सकता है। अगर इससे ज्यादा वाहन की आवश्यकता होती है तो इसके लिए जिलाधिकारी की अनुमति लेनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना प्रचार प्रसार किया जाता है तो उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। प्रचार-प्रसार और रैलियों के लिए किसी शैक्षणिक संस्था का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित है।
सरकारी विश्राम गृहों या डाक बंगलों में नहीं होगा किसी का एकाधिकार
चुनाव के दौरान सरकारी विश्राम गृहों या डाक बंगलों पर सत्तारूढ़ दल या उसके उम्मीदवारों का कोई एकाधिकार नहीं होगा। ऐसे विश्राम गृहों या डाक बंगलों के प्रयोग की अनुमति अन्य दलों और उम्मीदवारों को भी होगी। अनुमति प्रदान करने का अधिकार संबंधित जिलाधिकारी को होगा, लेकिन किसी भी राजनैतिक दल या उम्मीदवार को इनका प्रयोग कार्यालय के रूप में करने की अनुमति नहीं होगी।
उम्मीदवारों द्वारा इन नियमों का पालन करना होगा। अगर किसी के द्वारा इसका पालन नहीं किया जाता है तो इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे प्रत्याशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, पंचस्थानीय और नगरीय निकाय।