मार्टीनगंज (ब्यूरो)। या हुसैन की सदाओं के बीच भादव गांव से मंगलवार को ऐतिहासिक पांच मुहर्रम का मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में हुसैनी मातमदारों ने कर्बला के शहीदों को आंसुओं का नजराना पेश किया। इससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। इमामबारगाह हादी हसन से उठकर इमाम बारगाह अमीर हसन से होते हुए कर्बला में जुलूस संपन्न हुआ।
जुलूस की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अहमद हसन खान ने कहा कि इस्लाम कुर्बानियों का मजहब है। अल्लाह ने इस्लाम के पहले महीने को इस्लाम पर कुर्बान होने वाले शहीदों के नाम लिख दिया है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन के साथ बच्चों समेत कुल 72 लोग थे। दूसरी तरफ यजीद की लाखों की फ़ौज। अंत मे मौलाना ने हुसैनी लश्कर के सेनापति हजरत अब्बास अलमदार का मसाएब पढ़ा, जिसके बाद जुलूस बरामद हुआ। इस मौके पर सरफ़राज हुसैन, एजाज हुसैन, मेहंदी हादी, हमनवा, अफसर अनमोल, अली हसन, जमीरुल, कायम, जावेद, मोहम्मद अली, अर्शी, ताकि, जकी, कामिल, काशिफ, हैदर अली मौजूद रहे ।