आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और घटक दलों के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मेहता पार्क में मंडल अध्यक्ष राम लाल यादव की अध्यक्षता में मांगों को लेकर धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न विभागों में तैनात मानदेय कर्मचारियों को जब मानदेय कम दिया जाएगा तो उनके अच्छे दिन कैसे आ सकते है।
मंडल अध्यक्ष राम लाल यादव ने कहा कि अच्छे दिन लाने का सपना दिखाकर सत्ता में आई भाजपा सरकार यदि रसोइयां, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, पीआरडी जवान, मनरेगा कर्मचारी, बालश्रम कर्मचारी, कंप्यूटर आपरेटर का मानदेय कम देगी तो न तो वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकते है और न ही उनके अच्छे दिन आ सकते है। महासंघ के जिलाध्यक्ष राम जनम प्रसाद रावत ने सभी मानदेय पर काम करने वालों का मानदेय कम से कम 18000 रुपया किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी महासंघ बार-बार धरना-प्रदर्शन के माध्यम से मांग करता चला आ रहा है। आगे कहा कि यह सरकार कर्मचारी विरोधी है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों की स्क्रि निंग की कार्यवाही की जा रही है, तीन अक्तूबर को जीपीओ पार्क लखनऊ इसका विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यूपी मिनिस्टेरियल फेडरेशन एवं सर्विस एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष श्रीराम यादव ने कहा कि जब सरकार कर्मचारी विरोधी हो जाती है तो बिना एकजुटता से सरकार एक भी सुनने वाली नहीं है। हमें भ्रमित करने वाले संगठनों से दूरी बनाते हुए एकजुटता का परिचय देना चाहिए। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार यादव ने भी संबोधित किया। सिंचाई विभाग के मंडल अध्यक्ष उदयभान ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ कर्मचारियों को जागरुक करने का काम कर रहा है। उन्होंने रसोइया, पीआरडी जावानों से तीन अक्तूबर को लखनऊ अधिक से अधिक उपस्थिति दर्ज कराए जाने को कहा। जिलाध्यक्ष राजा राम ने भी संबोधित किया। धरने में उदयभान, तूफानी प्रजापति, विभा राय, राजा राम, एसएन सिंह, बृजेश सिंह, ओम प्रकाश गौड़, दयाराम गोंड सहित अनेक घटक दलों के कर्मचारी उपस्थित रहे।