आजमगढ़। स्वच्छ भारत अभियान में जिला काफी पिछड़ चुका है। शासन से 90 हजार बनवाने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन अभी तक सिर्फ 38 सौ शौचालय ही बने हैं। इस वर्ष प्रतिदिन 49 के हिसाब से शौचालय बनाए जा रहे हैं, जबकि टारगेट पाने के लिए 250 शौचालय रोज बनवाने हैं। इसके लिए अब सभी सेक्रेटरी और सफाईकर्मियों को 25-25 शौचालय बनवाने का लक्ष्य दिया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन में इस वित्तीय वर्ष में जिले में लगभग 90 हजार शौचालय बनवाने के लक्ष्य है। दो अक्तूबर तक जिले को ओडीएफ भी घोषित कराना है। लेकिन जिले में अभी तक 28 सौ शौचालय ही बने हैं। इसके अलावा 38 सौ का पैसा खाते में भेजा गया था।
लक्ष्य से पीछे रहने की वजह पंचायती राज विभाग की ओर से न आने की बात कही जा रही थी। लेकिन शुक्रवार को शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगभग 250 शौचालय रोज बनने चाहिए। लेकिन इस समय 48 शौचालय ही बन रहे हैं।
लक्ष्य पूरा करने के लिए जिलाधिकारी की ओर से बेस लाइन सर्वे में शामिल लोगों को खुद शौचालय बनवा कर 24 घंटे में खाते में 12 हजार रुपया प्राप्त करने की बात कही गई हैं। अब प्रशासन गांवों में तैनात सेक्रेटरी, वीडीओ और सफाईकर्मी के माध्यम से लक्ष्य पाने की योजना बनाई गई है। सभी को 25-25 शौचालय बनवाने को कहा गया है।
जिले के 22 ब्लाकों में 266 सेक्रेटरी, 113 वीडीओ और 4069 सफाईकर्मी तैनात हैं। ये लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित कर स्वेच्छा से शौचालय बनवाने का प्रयास करेंगे।
इसके साथ ही सभी एडीओ पंचायत को शौचालय निर्माण के लिए सामग्री की व्यवस्था करने को कहा गया है। ये अपने स्तर पर वेंडर को तलाश कर शौचालय बनवाने में सहयोग देंगे। सभी बीडीओ को योजना पर नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा सभी ब्लाकों में जिलास्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी भी बनाया गया है जो इस पर नजर रखेंगे।
लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सेक्रेटरी, वीडीओ और सफाईकर्मियों को स्वेच्छा से 25-25 शौचालय बनवाने को कहा गया है। कोशिश की जा रही है कि शासन की ओर से निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाए। शौचालय निर्माण में सामान की अनुपलब्धता को देखते हुए एडीओ पंचायत को इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभिषेक सिंह, सीडीओ