फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाखों की जमीन पर पूर्व मंत्री का अवैध कब्जा

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। बसपा के एक पूर्व मंत्री पर लाखों की सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उसे मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। मामला लालगंज तहसील के खुम्हादेवरी गांव का है। गांव वालों का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही तहसील प्रशासन की तरफ से मंत्री को दो बार दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगा, लेकिन पूर्वमंत्री ने जुर्माने की रकम नहीं अदा की न ही इस संबंध में दोबारा कोई कार्रवाई की गई।
विज्ञापन

मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक और पूर्वमंत्री विद्या चौधरी मूल रूप से लालगंज तहसील क्षेत्र के खुम्हादेवरी गांव की रहने वाली हैं। इनके घर के बगल में आराजी नंबर 273, 274 खलिहान, खाद और गड्ढा की जमीन है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक बीघा से अधिक इस जमीन पर पूर्व मंत्री और उनके घर वालों ने अवैध रूप से कब्जा करते हुए पक्का मकान, पशुशाला बना लिया है और मड़ई रख ली है। अवैध कब्जे को हटाने के लिए वर्ष 2003 से 2007 तक लालगंज तहसील में मुकदमा चला। इसके बाद पूर्व मंत्री पर दस हजार रुपये का जुर्माना हुआ। लेकिन विद्या चौधरी के दवाब में जिला प्रशासन ने कोई विधिक कार्यवाही नहीं की। बल्कि जो थोड़ी बहुत जमीन बची थी, उस पर भी कब्जा कर लिया गया। तहसील और जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया। 18 नवंबर 2015 को अदालत में डीएम, एसडीएम को कब्जा हटाने का आदेश दिया। सात जनवरी 2016 में तत्कालीन तहसीलदार गजानंद दूबे मौके पर पहुंचे और कार्रवाई के नाम पर पूर्व मंत्री को नोटिस देकर खानापूरी कर ली।


सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप गलत है। यह पुराने जमाने की बात हो चुकी है। यदि मैं इतना भ्रष्ट होती तो कैसे दो बार मेंहनगर क्षेत्र से विधायक चुनी जाती और मंत्री बनती।
विज्ञापन

-विद्या चौधरी, पूर्व मंत्री

मामला पुराना है। तहसील प्रशासन से इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा। सारे तथ्य और सबूतों का परीक्षण कर न केवल अवैध कब्जा हटवाया जाएगा। बल्कि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
विज्ञापन

- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें