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लक्ष्य के सापेक्ष नहीं मिले पूरे लाभार्थी, सरेंडर हुए आवास

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आजमगढ़। वर्ष 2016-17 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए शासन की ओर से तो दिल खोलकर आवास दिए गए, लेकिन जनपद स्तर पर उतने लाभार्थी अधिकारी नहीं तलाश कर पाए। नतीजा ये हुआ कि वर्ष 2016-17, 17-18 तक लगभग नौ सौ आवास वापस हो गए। इस वर्ष भी लगभग सौ आवास सरेंडर होने की ओर हैं। इस ओर ग्राम्य विकास विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आजमगढ़ में वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 का संपूर्ण लक्ष्य 30,098 था। इसके सापेक्ष अभी तक 29,093 आवासों की स्वीकृति हुई है। इसमें वर्ष 2018-19 के लिए 7034 आवासों का लक्ष्य मिला था। इसमें अभी तक 6958 लाभार्थी ही विभाग को पात्र मिल पाए हैं। लगभग 111 आवास इस वर्ष भी सरेंडर होने की स्थिति में हैं। इसके लिए विभाग की ओर से इस वर्ष के लक्ष्य को संशोधित कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। इससे पहले वर्ष 2016-17, 2017-18 में भी कम लाभार्थी मिलने से लगभग 900 आवास वापस हो गए थे। इसमें 2016-17, 2017-18 में तो लगभग संपूर्ण लाभार्थियों को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। अभी शत प्रति आवास पूर्ण नहीं हुए हैं। इसके लिए ब्लाक के अधिकारियों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है कि जल्द आवास पूरा किया जाए। अन्यथा की स्थिति रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2018-19 में चयनित 6958 आवासों के सापेक्ष लगभग सभी को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। लगभग 66 सौ परिवारों को दूसरी किस्त भी दे दी गई है। अभी लगभग 2200 आवास पूर्ण हो पाएं है।
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प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण की पात्रता की शर्तें
-सेश-2011 में शामिल सभी बेघर परिवार।
-एक या दो कमरों के कच्ची दिवार और कच्ची छत युक्त मकानों में रहने वाले परिवार।
-आश्रयविहीन परिवार, बेघर-भीख मांग कर जीवन यापन करने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले।
-ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य आपाहिज हो या जिनका कोई भी वयस्क सदस्य शारीरिक रूप से सक्षम न हो।
-रोज मजदूरी करने वाले ऐसे परिवार जिनके पास कोई जमीन न हो।
-वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर।

मिलती है 1.20 लाख की धनराशि
आजमगढ़। योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्त में 1.20 लाख की धनराशि आवास बनाने के लिए दी जाती है। पहली किस्ता में 40 हजार, दूसरी में 70 हजार और तीसरी किस्त में 10 हजार की धनराशि फिनसिंग के लिए दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी आवास बनाने में स्वयं मजदूरी कर 90 दिन की मजदूरी मनरेगा से ले सकता है।

प्रधानमंत्री आवास के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 6958 आवासों के सापेक्ष लगभग सभी को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। लगभग 66 सौ परिवारों को दूसरी किस्त भी दे दी गई है। अभी लगभग 2200 आवास पूर्ण हो पाएं है। आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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अभिमन्यु कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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