आजमगढ़। जनपद में गलन भरी ठंड ने दस्तक दे दी है। सोमवार की सुबह से ही आसमान में बादलों ने डेरा डाले रखा। बीच-बीच में निकलने वाली धूप लोगों को राहत पहुंचाती रही लेकिन जैसे ही सूर्य छिपता फिर गलन बढ़ जाती है। गलन बढ़ते ही गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
आधा दिसंबर बीतने के बाद भी जब गलन नहीं बढ़ी तो लोगों ने कम ठंड पड़ने का कयास लगाना शुरू कर दिया था। लेकिन सोमवार की सुबह जैसे ही आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला गलन में इजाफा हो गया। पूरे दिन बादलों और सूर्य के बीच अठखेली होती रही। जब धूप निकली तो लोगों ने गलन से राहत महसूस की लेकिन जब सूर्य बादलों की ओट में छिपा तो गलन बढ़ गई। पूरे दिन लुकाछिपी का यह खेल चलता रहा। लेकिन शाम ढ़लते ही सर्द हवाओं के कारण गलन इतनी बढ़ गई कि धूप के कारण बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकले लोग ठिठुरते हुए देखे गए। गलन बढ़ने के साथ ही गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों भी भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानदार भी लोगों से मनमाना पैसा वसूलने में जुटे रहे। लेकिन ठंड से बचने के लिए लोगों ने पैसे की परवाह किए बगैर जमकर खरीदारी की। पश्चिम से चलने वाली सर्द हवाओं के कारण गलन और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बदली के कारण जनपद का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया। जिसके और गिरने की संभावना जताई जा रही है। गलन शुरू होने से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई है। किसान प्रेम यादव का कहना है कि अगर ठंड पड़ेगी गेहूं की फसल अच्छी होगी अन्यथा नहीं होगी।