लाटघाट। 125 गांव और सवा लाख की आबादी घाघरा की बाढ़ से प्रभावित है और इतनी बड़ी आबादी के लिए तहसील प्रशासन ने अब तक मात्र चार दर्जन नाव ही लगाया है। नाव की कमी के चलते ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
हरैया ब्लाक के चक्की गांव निवासिनी सुनीता मंगलवार को अपने दो बच्चों शालू और आकाश को लेकर घंटो नाव के इंतजार में बैठी रही। दोनों बच्चे बीमार है और उनकी दवा लेने के लिए सुनीता नाव का इंतजार कर रही थी। बाढ़ से देवारा के सभी 125 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके है। आवागमन का एक मात्र साधन नाव ही बचा है। वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं लगाया गया है। आबादी के हिसाब से नाव न लगा होने से लोग परेशान हाल है। देवाराखास राजा गांव में पचास मजरे है। इसमें 10 हजार की आबादी रहती है, लेकिन नाव मात्र पांच लगाये गये है। वहीं चक्की, सेमरी समेत अन्य गांव की भी ऐसी ही कुछ स्थिति है। पर्याप्त मात्रा में नाव की व्यावस्था न होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।