आजमगढ़। प्रदेश के पांच शहरों की बिजली व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में चल रहा बिजली कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन भले ही आठ मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है, लेकिन इस दौरान वे सिर्फ वर्क ऑफ रूल के आधार पर ही सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक काम करेंगे। ऐसे में शाम पांच बजे के बाद हुई खराबी अगली सुबह ही दुरुस्त होगी। आठ अप्रैल तक यदि सरकार निजीकरण की योजना से पीछे नहीं हटी तो नौ अप्रैल से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने पांच बड़े शहरों गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ और मुरादाबाद में बिजली के निजीकरण का निर्णय लिया है जिसके विरोध में विभाग के अधिकारी/कर्मचारी आंदोलित हैं। मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने दिनभर कार्य बहिष्कार के साथ ही धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। वर्तमान में कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम तो स्थगित कर दिया है, लेकिन आक्रोश बरकरार है। अधिशासी अभियंता वितरण खंड प्रथम चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि कर्मचारी आठ मार्च तक वर्क टू रूल के आधार पर सुबह दस से शाम पांच बजे तक काम करेंगे। इस दौरान फॉल्ट ठीक करने के अलावा वसूली भी की जाएगी लेकिन इस समय के बाद यदि कोई फॉल्ट होता है तो वह अगले ही दिन ठीक होगा।