जिलाधिकआजमगढ़। राजस्व कार्यों की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई तय है।
उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को यह भी निर्देश दिए कि खतौनियों का अंश निर्धारण, ग्राम सभा संपत्ति रजिस्टर बनाने और फीड करने बाद सत्यापन कराने और श्रावस्ती माडल से भूमि विवादों का निपटारा कराएं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना से कार्य करें और शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य समय से पूर्ण करें। रिट याचिकाओं का सीए समय से लगाया जाए क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय का आदेश समयबद्ध होता है। एक पंजिका बनायी जाए जिसमें रिट याचिकाओं को एसडीएम नोट करें और प्रत्येक सप्ताह कृत कार्रवाई की आख्या प्राप्त करने के लिए संबंधित को अनुस्मारक पत्र भेजा जाए। इस कार्य में यदि किसी भी स्तर पर समय से न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करने में लापरवाही मिली तो संबंधित को प्रतिपूर्ण प्रविष्टी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने आडिट आपत्तियों का निस्तारण एवं जन समस्याओं का निस्तारण प्रमुखता के आधार पर करने का निर्देश दिया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की समीक्षा में 89.5 प्रतिशत की प्रगति हुई है जबकि 95 प्रतिशत की प्रगति आवश्यक है। सभी अधिकारी प्रतिदिन पोर्टल खोलकर आईजीआरएस के प्रकरणों को देखें और उसका निराकरण करें, कोई संदर्भ डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। ऋण मोचन योजना की समीक्षा में पाया कि जनपद में कुल 8171 शिकायतें प्राप्त हुई जिसके सापेक्ष मात्र 131 की मार्किंग हुई है। शेष 8040 शिकायतें तहसीलों में अभी लंबित हैं। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिया कि वे गांववार सूची लेखपालों को देकर जांच करा लें और प्राथमिकता के आधार उसकी मार्किंग करें ताकि बजट समर्पण की स्थिति न बने। पोर्टल पर भूलेख मैपिंग के 2208 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उसका सत्यापन कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि 5 वर्ष से ऊपर के कुल 5270 मुकदमें लम्बित हैं। जिलाधिकारी ने सभी पीठासीन अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वादों का निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर करें। इस मौके पर एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता, सीआरओ आलोक कुमार वर्मा आदि उपस्थित थे।