आजमगढ़। एडीए की ओर से पहले नोटिस फिर ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद भी होटल की इमारत का निर्माण पूरा कर उसके उद्घाटन का मामला सुर्खियों में आने के बाद आजमगढ़ विकास परिषद की ओर से फाइलें खंगाल कर मौका मुआयना को किया गया, लेकिन कार्रवाई के लिए आफिस में स्टाफ की कमी का बना कर इसे टाला जा रहा है। एडीए सचिव ने जेई को और जेई ने सचिव के कार्रवाई करने की बात कह पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में अवैध निर्माण का खेल लंबे समय से खेला जा रहा है। पहले जानबूझकर ग्रीनलैंड में इमारतों का निर्माण होने दिया जाता है। जैसे ही निर्माण पूरा होने के करीब पहुंचता है तो अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इसके बाद ले देकर निर्माण पूरा हो जाता है। ग्रीनलैंड में भी इस इमारत के सहारे व्यवसायिक गतिविधियां भी शुरू हो जाता है। शहर के शारदा चौराहे पर डॉ. प्रेम प्रकाश यादव के निर्माणाधीन होटल इसी तरह ध्वस्तीकरण आदेश के बाद भी तैयार हो गया और इसका उद्घाटन कर व्यवसायिक गतिविधि को चालू भी कर दिया गया है। मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो आनन-फानन में सचिव बाबू सिंह ने फाइलें तलब कीं। मौके का मुआयना भी किया। इसके बाद में कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो कभी कर्मचारियों की कमी तो कई जेई के ऊपर मामला टाल दिया गया। जेई सचिव की ओर से कार्रवाई की बात कहते रहे।
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होटल के इमारत के ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था। यदि आदेश पर स्टे भी होता है तो भी उद्घाटन होना समझ में नहीं आ रहा है। मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
बाबू सिंह, सचिव एडीए