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दूषित पानी शहरवासियों को पहुंचा रहा अस्पताल

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आमजगढ़। बरसात के मौसम में दूषित पानी से बीमार होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। रोजाना 200 से 250 की संख्या में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, पीलिया और मलेरिया से पीड़ित मरीज मंडलीय और महिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। वहीं, पालिका का दावा है कि शहरी क्षेत्र की सात पानी की टंकियों से शुद्ध पेयजल की सप्लाई हो रही है। प्रतिदिन इसकी जांच की जाती है और क्लोरीनेशन भी किया जाता है।
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बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियां पांच पसारना शुरू कर देती हैं। मंडलीय अस्पताल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो यहां औसतन रोजाना 17 सौ से 18 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 100 से 150 लोग ऐसे होते हैं जो दूषित पानी के इस्तेमाल से होने वाली सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, पीलिया और मलेरिया जैसी बीमारियों से ग्रासित होते हैं। इन्हें इलाज के साथ ही शुद्ध पानी के प्रयोग की भी सलाह दी जाती है। वहीं, जिला महिला अस्पताल में भी रोजाना 700 से 800 मरीज पहुंचते हैं। इसमें 75 से 100 मरीज ऐसे होते हैं जो दूषित पानी का शिकार होते हैं। रोजाना दूषित पानी के शिकार होने वाले मरीजों की संख्या पर गौर करें तो इसमें 150 मरीज ऐसे हैं दो शहरी क्षेत्र के हैं। इसके अलावा प्राइवेट डाक्टरों की शरण लेने वाले लोग भी हैं।
इसके बाद भी प्रशासन की माने तो बीमारियों को रोकने के लिए नगरपालिका को निर्देश दिया गया है कि वो प्रतिदिन पानी की जांच कराएं और इसकी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को सौंपे। नगरपालिका के एई जलकल पुरुषोत्तम जांचकर रिपोर्ट तैयार करते हैं और रिपोर्ट को एडीएम प्रशासन को सौंपते हैं। एई जलकल पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रतिदिन पानी की जांच की जा रही है। पालिका क्षेत्र में पेयजल सप्लाई के लिए कुल सात पानी की टंकियां हैं। इससे प्रतिदि न 11 मिलियन गैलन पानी शहरवासियों को पेयजल के लिए उपलब्ध कराया जाता है। शहरवासियों को शुद्ध पानी मिले इसके लिए पानी में प्रतिदिन 15 लीटर क्लोरीन मिलाया जा रहा है। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में हैंडपंप लगे हैं। उन क्षेत्रों के लोगों में क्लोरीन की गोली का वितरण किया जाता है।
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नगर क्षेत्र में प्रतिदिन पानी की जांच हो रही है। इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन एडीएम प्रशासन के पास भेजी जा रही है। जहां भी हैंडपंप हैं उसका पानी पीने वालों में क्लोरीन की गोली का वितरण भी किया जा रहा है।
दिनेश कुमार विश्वकर्म, ईओ
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प्रशासन बरसात के मौसम में फैलने वाली संक्रामक बिमारियों को लेकर काफी सतर्क है। इसे रोकने के लिए हर उपाय किए जा रहे हैं। प्रतिदिन पानी की जांच कराई जा रही है। ओटी टीम भी गठित है जो पानी में क्लोरिन के मात्रा की जांच कर रही है। जहां भी गंदगी है उसे साफ करने का निर्देश नगरपालिका को दिया गया है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो ऐसा निर्देश जारी किया गया है।
लवकुश त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन
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मंडलीय अस्पताल में रोजाना औसतन 1700 से 1800 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 100 से 150 मरीज ऐसे होते हैं, जो दूषित पानी के शिकार होते हैं। इन्हें इलाज के साथ ही शुद्ध पानी पीने की सलाह दी जाती है।
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डॉ. जीएल केशरवानी, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल
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दूषित पानी होने वाली बीमारी
डायरिया, पीलिया, पेचिश, नेत्र रोग, गले की बीमारी, टाइफाइड़, त्वचा रोग--------------
घर में करें उपाय
-पानी को उबालकर पिएं
-पीने के पानी में फिटकरी का टुकड़ा घुमा दें, गंदगी नीचे बैठ जाएगी। फिर मोटे कपड़े से पानी को छान लें।
-दूषित पानी में तुलसी के पत्तों को ड़ालकर रखें, इसमें कीटाणु नष्ट करने की क्षमता होती है।
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