आजमगढ़। बेसिक शिक्षाधिकारी ने सोमवार को एक प्रधानाध्यापिका व एक सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया। प्रधानाध्यापिका को एमडीएम में अनियमिता व सहायक अध्यापक को ड्यूटी टाइम में बीएसए कार्यालय पर घूमता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। बीएसए के इस कार्रवाई से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों में हड़कंप मच गया।
बीएसए ने पहले ही फरमान जारी कर शिक्षकों को निर्देशित कर दिया था कि ड्यूटी टाइम में वे शिक्षा कार्यालयों पर न नजर आए। इसके बाद भी शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर के प्रावि टीकापुर पर तैनात सहायक अध्यापक दिनेश कुमार यादव बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर घूमते नजर आ गए। इतना ही नहीं 15 दिसंबर को खंड शिक्षाधिकारी के औचक निरीक्षण में भी शिक्षक निदेश यादव अनुपस्थित पाए गए थे। निलंबन की अवधि में दिनेश कुमार यादव खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय तहबरपुर से संबंध रहेंगे और नियमित उपस्थित देते रहेंगे। इसी क्रम में पल्हनी ब्लाक के प्रावि मुंडा पर बतौर प्रधानाध्यापिका तैनात विनीता सिंह को भी निलंबित करने का आदेश बीएसए ने सोमवार को जारी किया। इन्हें खंड शिक्षाधिकारी पल्हनी के निरीक्षण आख्या के आधार पर निलंबित किया गया है। जिसमें 17 दिसंबर को निरीक्षण के दौरान विद्यालय पर पंजीकृत 106 बच्चों के सापेक्ष मात्र 10 बच्चे उपस्थित मिले थे।
इसके साथ ही एमडीएम पंजिका में कटिंग कर पुनर्लेखन कर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाना पाया गया था। एमडीएम में अधिक संख्या दिखाकर वित्तीय अनियमितता की जा रही थी। इतना ही नहीं 2018-19 में बच्चों को मात्र एक सेट ही यूनिफार्म का वितरण हुआ पाया गया। पठन पाठन की स्थिति भी काफी खराब पाई गई थी। निलंबन की अवधि में विनीता सिंह बीआरसी पल्हनी से संबद्ध रहेंगी और नियमित उपस्थिति भी दर्ज कराएंगी। बेसिक शिक्षाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता क्षम्य नहीं होगी।