आजमगढ़। अक्तूबर माह के अंत तक सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढा मुक्त कर देने का अंतिम समय निर्धारित किया गया है, लेकिन बजट न होने की वजह से योजना पर ग्रहण लगा है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए लोनिवि ने करीब 18 सौ सड़कों का चयन करते हुए शासन को 50 करोड़ की डिमांड भेजी गई थी। इसकी तुलना में महज एक करोड़ रुपये ही जारी किए गए है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब होने से ग्रामीणों हिचकोले खाने पड़ रहा है। घटिया निर्माण और काफी समय से मरम्मत नहीं होने की वजह से शहर से लेकर गांव तक की ज्यादातर सड़कें उखड़ गई हैं। जगह-जगह गड्ढे बन गए है। गड्ढा युक्त सड़कों प न सिर्फ हादसे हो रहे हैं बल्कि उड़ने वाली धूल से भी हाल बेहाल है। मुख्यमंत्री की तरफ से अक्तूबर तक गड्ढा मुक्त सड़क बनाने का सख्त निर्देश है। बरसात से पहले ही लोनि वि ने जर्जर सड़कों की सूची तैयार करा ली। छोटी-बड़ी 1800 से अधिक सड़कों को शामिल करते हुए 50 करोड़ की डिमांड की। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर की रिपोर्ट पर रिस्पांस न मिलने पर रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बरसात में मामला शांत रहा। इसके बाद महज एक करोड़ का बजट जारी कर दिया गया। ऐसे में गड्ढा मुक्त सड़क बनाने की योजना खटाई में पड़ी है।
जिले की करीब 18 सौ सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए चीफ इंजीनियर की तरफ से करीब 50 करोड़ की डिमांड भेजी गई थी। उसकी तुलना में महज एक करोड़ की रकम प्राप्त हुई है। गड्ढा मुक्त सड़कें किस तरह से की जाए यह चिंता का विषय है। बजट मिल नहीं रहा, शिकायत पर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही।
एसएन सिंह, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड पांच
एक तरफ से बनी, दूसरी ओर से उखड़ गई सड़क
आजमगढ़। बिंद्राबाजार से मेंहनगर तहसील मुख्यालय तक जाने वाली सड़क का हाल बेहाल है। मुश्किल दौर में इसी सड़क का लोग उपयोग करते हैं। काफी हंगामे के बाद सड़क का निर्माण शुरू हुआ। सड़क एक तरफ से बननी शुरू हुई तो दूसरी तरफ से उखडने लगी। नवरात्र में आजमगढ़ वाराणसी मुख्य मार्ग पर स्थित रानी की सराय बाजार में तीन दिवसीय मेला लगने की वजह से वाहनों का आवागमन छतवारा से मेंहनगर, बिंद्राबाजार और आरटीओ कार्यालय से निजामाबाद, फरिहां होते हुए कर दिया जाता है। वर्तमान समय में यह दोनों सड़क की दशा खराब है। बिंद्राबाजार-मेंहनगर सड़क के मरम्मत का कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ और 11 किलोमीटर तक की सड़क जुलाई 2018 में बनकर तैयार हुई। लोगों ने बताया कि एक तरफ से सड़क बनने लगी और दूसरी तरफ से उखड़ते चली गई। मामला जस का तस बना हुआ है।
ग्रामीणांचल के दो सड़कों के लिए मिले 45 लाख
आजमगढ़। ग्रामीण क्षेत्र के सड़कों की दशा सुधारने की कवायद के तहत शासन ने दो सड़कों के नव निर्माण के लिए 45 लाख रुपये आवंटित कर दिए हैं। इन दोनों सड़कों का नव निर्माण हो जाने पर इन रास्तों पर पडने वाले आधा दर्जन से अधिक ग्रामों के लोगों को आवागमन में काफी सहुलियत होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 किमी 203 से गगोरी हरिजन बस्ती संपर्क मार्ग व सिंहपुर-बोगरिया संपर्क से मौर्या बस्ती होते हुए हरिजन बस्ती संपर्क मार्ग की दशा इन दिनों काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में पैदल चलना भी काफी मुश्किल है। इन सड़कों की दशा सुधारने के लिए नाबार्ड ने 1.20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे शासन ने मान लिया है। गगोरी हरिजन बस्ती संपर्क मार्ग की लंबाई 1.40 किमी के लिए 56.68 लाख व सिंहपुर बोगरिया संपर्क से मौर्या बस्ती होते हुए हरिजन बस्ती संपर्क लंबाई 1.30 किमी के लिए 55.29 लाख का प्रस्ताव नाबार्ड ने शासन को प्रेषित किया था। विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन संजय कुमार उपाध्याय ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि नाबार्ड के प्रस्ताव पर शासन ने गगोरी हरिजन बस्ती संपर्क मार्ग के लिए 22.67 लाख व सिंहपुर बोगरिया संपर्क मार्ग से मौर्या बस्ती होते हुए हरिजन बस्ती संपर्क के लिए 22.12 लाख कुल 45 लाख रुपये की धनराशि प्रथम किस्त के रुप में अवमुक्त कर दी है। इसके साथ ही जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का भी निर्देश दिेया गया है।