सगड़ी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अजमतगढ़ सभागार में सोमवार को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ के एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों की सुरक्षा और जापानी बुखार से बचने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. शौकत अली ने कहा कि जापानी बुखार इंसेफेलाइटिस जो कि जानलेवा और गंभीर बीमारी है। इससे बचने का एकमात्र तरीका अपने आसपास गंदगी ना होने दें और पानी को जमा न होने दें, साफ सफाई रखें और हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें। जो कि इस बीमारी के रोकथाम में महत्वपूर्ण है और बीमारी को फैलने से रोकता है। जानकारी ही इस रोग से बचाव है। स्तनपान मां और शिशु के बीच बेहतर संबंध स्थापित करता है। बच्चे को कम से कम छह से आठ महीने तक स्तनपान अवश्य कराएं। इससे बच्चों में रोगों से लडने की क्षमता का विकास होता है और सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव करें। इतना ही नहीं अगर किसी को बुखार लंबे समय से आ रहा हो और जापानी बुखार की आशंका व्यक्त हो तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर से संपर्क करें और परामर्श लेकर तत्काल इलाज शुरू कराएं ताकि इसके जानलेवा होने से बचाया जा सके ग्रामीण स्वास्थ मिशन के तहत गावों में दवाओं का छिड़काव कराएं और साफ सफाई पर ध्यान दें। इस मौके पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रमेश गुप्ता, सीडीपीओ गीता राय, कुसुम राव, डा. ममता राय, डा. ललित सिंह, प्रदीप कुमार, अशोक कुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे।- अंबुज राय
परिवार नियोजन के उपाय अपनाने की सलाह
अतरौलिया/आजमगढ़। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. शिवाजी सिंह के नेतृत्व में पकरडीहा और लोहरा गांव में सास-बहू सम्मेलन और आशा बहू मीटिंग का आयोजन किया गया। शिवाजी सिंह ने महिलाओं को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां दी। परिवार नियोजन के उपाय अपनाने की सलाह दी। कहा कि छोटा परिवार सुखी परिवार होता है। माताओं को कैसे सुरक्षित रहना है इस बारे में जानकारी दी गई। द्वारिका यादव, शोभावती, कंचन पांडे, शिवकुमार थे। वहीं, एकरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक डा.अरविंद कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सास-बहू सम्मेलन हुआ। टीकाकरण, जननी सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य पल्हनी की ममता सिंह, राजकुमार यादव, चंदन, शशिकुमार, अशोक कुमार, दिवाकर आदि ने लोगों को जानकारी दी। सम्मेलन में ग्राम प्रधान रिंकू मौर्या, एएनएम श्यामा ङ्क्षसह की देखरेख में किया गया। ब्यूरो