आजमगढ़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 34वां वार्षिक महाधिवेशन सिधारी स्थित राहुल प्रेक्षागृह में मनाया गया। अधिवेशन का उद्घाटन प्रांतीय अध्यक्ष राममूरत यादव और प्रांतीय महामंत्री बृजेश श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान जिलाधिकारी को अंगवस्त्र और कलाकृति भेट कर स्वागत किया गया।
प्रांतीय महामंत्री बृजेश श्रीवास्तव ने आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों, वरासत अभियान और श्रावस्ती मंडल में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वरासत के मामलों में प्रपत्र आरसी नौ पर आवेदन करने के लिए राजस्व परिषद से आदेश हो चुका है। इसके बाद जिलाधिकारी को 12 सूत्री मांग पत्र दिया गया। जिलाधिकारी ने मांगों को पूरा किए जाने का आश्वासन देते हुए कहा कि लेखपालों को गरीब और कमजोर लोगों के लिए हमेंशा कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा की धारा 132 की भूमियों पर अवैध निर्माण के विरुद्ध तहसीलों में पहले धारा 67(क) के तहत रिपोर्ट करने के बाद ही बेदखल किया जाए। ऊसर, बंजर, नवीन परती की भूमियों पर बने निर्माण को उनके नाम विनियमित कर दिया जाए।धारा 28 और धारा 41 की पत्रावलियों का निस्तारण राजस्व निरीक्षक से ही कराया जाय। उन्होंने बताया कि जनपद के लेखपाल संवर्ग की विभागीय पत्रावलियों का 90 प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। अवैध कब्जे को हटवाने में लेखपालों को पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह पालीवाल ने किया। इस अवसर पर पंकज अस्थाना, रामाश्रय यादव, रामानुज श्रीवास्तव, बहाऊ राम, अमित पांडेय भगौती प्रसाद यादव सहित अनेक लेखपाल उपस्थित रहे।