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गन्ना पर्ची न मिलने से किसान हुए परेशान

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बूढनपुर। पारंपरिक खेती छोड़ कर गन्ने की खेती अपनाने वाले किसानों के समक्ष दोहरी समस्या खड़ी हो गई है। गन्ना पर्ची न उपलब्ध होने से वे बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम पर गन्ना बेचने को मजबूर है। जिसके चलते मुनाफा तो दूर किसानों का लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं बिचौलिये क्रय केंद्रों पर ही किसानों का गन्ना खरीद कर मालामाल हो रहे है।
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दी किसान सहकारी चीनी मिल शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों ने लाभ की उम्मीद में पारंपरिक खेती को छोड़ कर गन्ने की खेती शुरू कर दी थी। बूढनपुर तहसील क्षेत्र में कई बड़े किसान गन्ने की फसल अधिक लाभ की उम्मीद में लगाये थे। चीनी मिल किसानों के रकबे के अनुरूप गन्ने की पर्ची अब तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, जबकि मिल का पेराई सत्र अंतिम दौर में चल रहा है। पर्ची के अभाव में किसानों का गन्ना या तो खेत में अथवा क्रय केंद्रों पर सूख रहा है। किसानों की मजबूरी का फायदा बिचौलिये जम कर उठा रहे है। किसानों का आरोप है कि ये बिचौलिये सर्वे करने वालों से मिली भगत कर लंबा सट्टा बनवा लिए है, जिसके चलते इन्हें भारी मात्रा में पर्ची मिल रही है और इन्ही पर्चियों के सहारे वे किसानों के गन्ना को औने-पौने दाम पर खरीद कर मिल को भेज दे रहे है, जहां से उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर भुगतान किया जा रहा है। एक तो किसानों को पर्ची नहीं मिल रही है तो वहीं क्रय केंद्रों पर घटतौली की भी शिकायत सामने आ रही है। बांसथान गांव निवासी गन्ना किसान लालजी पांडेय ने बताया कि प्रभावशाली और दबंग लोगों को मिल गेट पर ही खरीद की पर्ची थोक मात्रा में उपलब्ध हो जारही है। जिससे से प्रभावशाली और दबंग लोग किसानों का गन्ना औनेपौने दाम पर खरीद कर मिल को सप्लाई कर दे दहे है। मडना क्रय केंद्र का हाल यह है कि यहां एक सप्ताह से गन्ने की खरीद नहीं हुई है। क्षेत्र में स्थित हर क्रय केंद्रों पर दुव्र्यवस्था है, जिसके चलते गन्ना किसान परेशान है और बिचौलिये मलाई काट रहे है।
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