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फार्मेसी कालेज के नाम भूमि नहीं फिर भी जारी हुई निधि

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बगैर भूमि के फार्मेसी कॉलेज को भी मिली निधि
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मुख्य राजस्व अधिकारी की जांच रिपोर्ट से हुआ खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। सठियांव विकास खंड के काशीपुर सुराई स्थित आरके फार्मेसी कालेज के नाम भूमि न होने के बाद भी उसे लाखों रुपये की सांसद और विधायक निधि जारी कर दी गई। इस बात का खुलासा हाईकोर्ट के आदेश पर जिले के 82 विद्यालयों की जांच के दौरान हुआ।
जिले में सांसद और विधायक निधि को लेकर हुए घोटाले में एक से बढ़कर एक दिग्गजों का नाम शामिल है। इसमें एक नाम आरके फार्मेसी कालेज काशीपुर सुराई का है। इस कालेज को विभाग द्वारा 72 लाख रुपये की सांसद और विधायक निधि जारी की गई। हाईकोर्ट दाखिल एक याचिका की सुनवाई के दौरान जनपद में हुई 82 विद्यालयों की जांच की गई। जांच के बाद तत्कालीन मुख्य राजस्व अधिकारी ने आरके फार्मेसी कालेज के नाम से कोई भी जमीन न होने की बात कही थी। इसके बाद भी आज यह विद्यालय शान से चल रहा है। उक्त विद्यालय के नाम पर वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक निधि लेने का कार्य किया गया। जबकि जांच अधिकारियों की मानें तो 16 अगस्त 2012 तक उक्त विद्यालय के भवन का निर्माण नहीं हुआ था। उक्त विद्यालय की कक्षाएं राजदेव कृषक महाविद्यालय के हाल में संचालित होती मिली। बिना भवन के ही उक्त विद्यालय को मान्यता देने के साथ ही निधि का जारी होना बड़े गोलमाल की ओर इशारा करता है। हालांकि इस मामले की जांच दोबारा हो रही है। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह के निर्देश पर हो रही जांच में क्या मिला अभी तक इसका खुलासा नहीं हो सका है। क्योंकि अभी तक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी है। हालांकि तत्कालीन जिलाधिकारी ने 26 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट का खुलासा किया था जिसमें छह विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण का आदेश भी दिया था। साथ ही सात प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर का भी आदेश दिया था। लेकिन अभी तक तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश का पालन नहीं हो सका है।
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राजकीय बालिका इंटर कालेज अतरौलिया का नहीं मिला अभिलेख
स्कूल का पता नहीं भेज दी छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति
राजकीय बालिका इंटर कालेज अतरौलिया का नहीं मिला अभिलेख
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग में हुुए घोटाले में कइयों पर गाज गिर चुकी है और कइयों पर गिरनी बाकी है। जांच को जल्दी पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने इसमें 10 कमेटियों का गठन कर पांच-पांच विद्यालयों की जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद भी अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण जांच कमेेटियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जांच पूरी नहीं हो पा रही है। बुधवार को एक ऐसे ही मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विद्यालय को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव जब रतुआपार स्थित सुुशीला देवी जूनियर हाई स्कूल में छात्रवृत्ति की जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां कोई विद्यालय ही नहीं मिला। जबकि उक्त विद्यालय को 2008-09 और 2009-10 में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का आवंटन हुआ था। विद्यालय न मिलने पर बैरंग वापस लौटे जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को दोबारा जांच का निर्देश दिया है। वहीं अतरौलिया स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज से उनके द्वारा इस दौरान जारी छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और पंजीकृत छात्रों की संख्या मांगी है। लेकिन कई माह बीतने के बाद भी कालेज की प्रधानाचार्य द्वारा कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका कहना है कि यह मामला उनके कार्यकाल के पूर्व का है। उनके पास इसका कोई अभिलेख नहीं है। इसके लिए उन्होंने पूर्व प्रधानाचार्य को नोटिस भेजा है लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर बुधवार को गलत अभिलेख लेकर कार्यालय पहुंचे विद्यालय के लिपिक को जिला कार्यक्रम अधिकारी ने वापस लौटा दिया और प्रधानाचार्य को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
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अतरौलिया के रतुआपार स्थित सुशीला देवी जूनियर हाईस्कूल को दी गई छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की जांच के लिए जब मैं मौके पर पहुंचा तो वहां पर कोई विद्यालय नहीं मिला। सुशीला देवी महाविद्यालय के प्रबंधक मेरे पास आए थे उनको भी नहीं मालूम की यह विद्यालय कहां है। वहीं राजकीय बालिका इंटर कालेज अतरौलिया के प्रधानाचार्य द्वारा अब तक कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसके कारण जांच प्रभावित हो रही है। इसलिए आज उन्हें नोटिस जारी की जा रही है।
पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
- अंबुज राय
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